Jammu Kashmir

शादी के 3 दिन, हनीमून पर आतंकियों ने मार डाला… पहलगाम हमले के एक साल बाद फिर छलका नेवी ऑफिसर विनय नरवाल के पिता का दर्द

Satya Report: One Year Of Pahalgam Attack: पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को एक आतंकवादी हमला हुआ था, जिसे कल पूरा एक साल हो जाएगा. इस बर्बर आतंकी हमले के परिणामस्वरूप 26 लोगों की जान चली गई. करनाल के सेक्टर- 6 में रहने वाले लेफ्टिनेंट नेवी अधिकारी विनय नरवाल की भी इस आतंकी हमले में आतंकियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी. आतंकी हमले से 3 दिन पहले ही विनय नरवाल की शादी हुई थी. विनय नरवाल अपनी पत्नी संग हनीमून मनाने पहलगाम पहुंचे थे.

शादी के 3 दिन, हनीमून पर आतंकियों ने मार डाला… पहलगाम हमले के एक साल बाद फिर छलका नेवी ऑफिसर विनय नरवाल के पिता का दर्द
शादी के 3 दिन, हनीमून पर आतंकियों ने मार डाला… पहलगाम हमले के एक साल बाद फिर छलका नेवी ऑफिसर विनय नरवाल के पिता का दर्द

वहां आतंकियों ने निहत्थे लोगों पर एकाएक कर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थी. 1 साल बीत जाने के बाद पिता राजेश नरवाल ने बेटे विनय नरवाल को याद किया और विनय के सफर के बारे में बताया. उन्होंने कहा सरकार ने जो भी कम इस आतंकी हमले के बाद उठाए थे मैं उनकी प्रशंसा करता हूं. आतंकियों ने कायराना हरकत की थी ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव के तहत आतंकियों की कमर तोड़ दी थी. .

विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने कहा- 22 अप्रैल 2025 को जो आतंकी हमला हुआ था, उसमें मेरा बेटा विनय नरवाल शहीद हुआ था. उन्होंने कहा- मैं अभी तक इस दर्द को दिल में समेटे हुए हूं. मैं इसे कभी नहीं भूल सकता. फिर भी मैंअपने परिवार को संभाले हुए हूं. मैं उस दुख से अभी तक उभर नही पाया हूं. उन्होंने कहा- बचपन में विनय जब छोटा था उस वक़्त उनकी पोस्टिंग दिल्ली और पंजाब में थी. वो केवल छुट्टियों में ही घर पर आते थे. विनय के दादा दादी ने विनय और उसकी बहन को पाला पोसा था. विनय का अपना दादा-दादी से बचपन से ही काफी लगाव था. हमसे भी ज्यादा वो उनके करीब था.

दुख की घड़ी में जिसने भी साथ दिया, उनका धन्यवाद

राजेश नरवाल ने कहा- आज भी मुझे कई अंजान लोगों के फोन आते हैं और घर-परिवार के हाल के बादे में पूछते हैं. विदेश से भी मुझे फोन आते हैं. मैं नहीं जानता कि मेरा नंबर उन्हें कहां से मिलता है. मगर उस वक्त भी और आज भी लोग मुझे फोन करके हिम्मत देते हैं. जिन लोगों ने भी दुख की घड़ी में मेरा साथ दिया मैं उन सभी लोगों का दिल से धन्यवाद करता हूं.

हम सभी को अपना देश के प्रति फर्ज निभाना चाहिए

उन्होंने कहा देश के लोगों को जागरूक होने की जरूरत है. आतंक को किस तरह से हम खत्म कर पाएं इसके लिए हमें भी अपना फर्ज निभाना है. अगर हमें कहीं कोई शक महसूस होता है तो उसके लिए हमें देश की एजेंसी को उसकी जानकारी देनी चाहिए. सरकार के संज्ञान में जैसे ही कोई घटना आती है सरकार उस पर संज्ञान भी लेती है. उन्होंने बताया- विनय नरवाल समेत अन्य शहीद हुए लोगों के नाम से करनाल में स्टॉप भी बनाया गया है. उन्होंने कहा करनाल जिले के जितने भी लोग शुरू से लेकर अब तक शहीद हुए हैं उनके नाम उस पट पर लिखे हुए हैं. उन्होंने कहा 1 मई को विनय नरवाल का जन्मदिन है. अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो इस बार भी ब्लड डोनेशन कैंप लगाया जाएगा विनय नरवाल की याद में.

(रिपोर्ट: लक्ष्य वर्मा, करनाल)

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