Satya Report: अब आपको रजिस्ट्री के लिए दफ्तर से छुट्टी नहीं लेनी होगी। यूपी के इन नौ बड़े शहरों में आप इत्तमिनान से रविवार को रजिस्ट्री कराने का प्लान कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश शासन ने इन शहरों में एक-एक रजिस्ट्री दफ्तर को रविवार को भी सामान्य दिनों की तरह रोस्टर के तहत खोलने का निर्देश दिया है।

यदि आप नौकरीपेशा हैं और प्रदेश के लखनऊ, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर (नोएडा), सहारनपुर या वाराणसी में किसी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं तो आपके लिए यह खुशखबरी है। अब आपको रजिस्ट्री के लिए दफ्तर से छुट्टी नहीं लेनी होगी। आप इत्तमिनान से रविवार को रजिस्ट्री कराने का प्लान कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश शासन ने इन शहरों में एक-एक रजिस्ट्री दफ्तर को रविवार को भी सामान्य दिनों की तरह रोस्टर के तहत खोलने का निर्देश दिया है। इस रविवार यानी 19 अप्रैल से इसकी शुरुआत हो भी गई। हालांकि पहले दिन हुए बैनामों की संख्या कम रही। मेरठ से मिली जानकारी के अनुसार वहां कुल 27 बैनामे हुए। अलीगढ़ के खैर में छह और अन्य शहरों में भी सीमित संख्या में बैनामे हुए।
कहा जा रहा है कि संडे को रजिस्ट्री ऑफिस खुले हैं इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को थी। कुछ तकनीकी दिक्कतें भी आईं लेकिन अच्छी बात यह रही कि इस व्यवस्था की शुरुआत हो गई। यूपी सरकार ने बैनामा और पंजीकरण की यह विशेष व्यवस्था कामकाजी लोगों और व्यस्त नागरिकों को बिना दफ्तर से छुट्टी लिए संपत्ति से जुड़े काम निपटाने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की है। आदेश में कहा गया है कि जहां दो या अधिक उप निबंधक कार्यालय हैं वहां रोटेशन के आधार पर हर रविवार को एक दफ्तर खुला रहेगा।
इस नई व्यवस्था से मेरठ, आगरा, अलीगढ़, कानपुर नगरर, गाजियाबाद, लखनऊ, गौतमबुद्धनगर (नोएडा), सहारनपुर और वाराणसी जिले के व्यस्ततम इलाके में रहने वाले लोगों को बड़ी सुविधा होगी। उन्हें रजिस्ट्री के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कार्यदिवसों के इंतजार की जरूरत भी नहीं होगी। इस बार रविवार को में मेरठ में सब रजिस्ट्रार कार्यालय प्रथम सुबह 10 बजे खुल गया था। हालांकि साफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के कारण दोपहर 12 बजे तक बैनामे के लिए टोकन जेनरेट नहीं हो सके। तब निबंधन विभाग के अधिकारियों ने एनआईसी से संपर्क कर साफ्टवेयर को अपडेट कराया। दोपहर 12:30 बजे बैनामे शुरू हो पाए। एआईजी स्टांप नवीन कुमार शर्मा के अनुसार पहले रविवार को मेरठ में कुल 27 बैनामे हुए। उम्मीद है कि अगले रविवार से बैनामों की संख्या और बढ़ेगी।
पंजीकरण की प्रक्रिया आसान
नई व्यवस्था से अधिकारियों का मानना है कि जनता को बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे राजस्व से जुड़े कामों तेजी भी आएगी। फरवरी में मांगे गए प्रस्तावों के बाद तैयार की गई नई व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल युग की मांग और लोगों की व्यस्त जीवनशैली को ध्यान में रखकर लागू की गई है। .



