Satya Report: NIA की विशेष अदालत ने बेंगलुरु जेल रेडिकलाइजेशन केस में बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने इस मामले के मास्टरमाइंड और लश्कर- ए-तैयबा (LeT) से जुड़े आतंकी टी नसीर समेत कुल 7 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 7-7 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है. सभी दोषियों पर 48-48 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

अदालत ने टी नसीर के अलावा सैयद सुहैल खान, मोहम्मद उमर, जाहिद तबरेज, सैयद मुदस्सिर पाशा, मोहम्मद फैसल रब्बानी और सलमान खान को सजा सुनाई है. इन सभी को IPC, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA), Arms Act और Explosives Act की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया गया.
NIA के मुताबिक ये मामला साल 2023 का है, जब बेंगलुरु की Parappana Agrahara Central Prison जेल के अंदर एक बड़ी आतंकी साजिश रची जा रही थी. जांच में सामने आया कि टी नसीर जेल के अंदर बंद युवकों की पहचान कर उन्हें बहला-फुसलाकर कट्टरपंथ की राह पर ला रहा था. NIA के मुताबिक जेल में बंद कुछ युवकों को भर्ती करना, ट्रेनिंग देना, उनका ब्रेनवॉश करना और देश में आतंकी वारदात करवाने की तैयारी की जा रही थी.
ये मामला सबसे पहले जुलाई 2023 में बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया था. उस समय कुछ आदतन अपराधियों से हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए थे. पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये लोग बेंगलुरु शहर में आतंकी हमला करने की तैयारी में थे. जांच के दौरान NIA ने खुलासा किया कि ये सिर्फ आतंकी हमला करने की साजिश नहीं थी बल्कि टी नसीर को जेल से कोर्ट ले जाते समय छुड़ाने की भी तैयारी थी. .
टी नसीर पहले से कई आतंकी मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहा है .वो 2008 बेंगलुरु सीरियल ब्लास्ट केस में भी आरोपी रहा है. NIA ने इस केस में कुल 11 गिरफ्तार आरोपियों और एक फरार आरोपी जुनैद अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इनमें से आरोपी सलमान खान को Rwanda से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया था. इसके लिए भारत और Rwanda की एजेंसियों ने मिलकर कार्रवाई की थी. NIA ने कहा है कि फरार आरोपी जुनैद अहमद की तलाश जारी है और उसे जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है.



