Satya Report: अगर आप सैलरीड कर्मचारी हैं और आपकी कंपनी मील कार्ड जैसे Sodexo, Pluxee, Zaggle देती है, तो यह सिर्फ खाने की सुविधा ही नहीं बल्कि टैक्स बचत का भी बेहतरीन जरिया बन सकता है. हालांकि, इसका पूरा फायदा तभी मिलता है जब आप नियमों को सही तरीके से समझें और ITR भरते समय सावधानी बरतें. AY 2026-27 और टैक्स ईयर 2026-27 के लिए मील कार्ड से जुड़े नियमों में कुछ अहम बदलाव हुए हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि आप इसके टैक्स ट्रीटमेंट, लिमिट और रिपोर्टिंग को ठीक से समझकर ही रिटर्न फाइल करें.

मील कार्ड आजकल कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले सबसे लोकप्रिय सैलरी बेनिफिट्स में से एक है. इसका इस्तेमाल आप खाने-पीने और ग्रोसरी पर कर सकते हैं, जिससे आपकी जेब पर सीधा असर पड़ता है. लेकिन इसका असली फायदा तब मिलता है जब आप इसके टैक्स नियमों को सही तरीके से अपनाते हैं. इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, AY 2026-27 (FY 2025-26) के लिए मील कार्ड पर टैक्स छूट सिर्फ पुराने टैक्स रिजीम में ही उपलब्ध है. इस दौरान प्रति मील 50 रुपये तक की छूट मिलती है. यानी अगर आप रोजाना ऑफिस में मील कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो यह एक अच्छी-खासी टैक्स सेविंग बन सकती है.
टैक्स नियमों में बदलाव के बाद का असर
टैक्स ईयर 2026-27 से नियमों में बदलाव हुआ है. नए कानून के तहत अब मील कार्ड का फायदा पुराने और नए दोनों टैक्स रिजीम में मिलेगा. साथ ही, छूट की लिमिट भी बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दी गई है, जो कर्मचारियों के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकता है. ITR भरते समय सबसे जरूरी बात यह है कि आप अपने Form 16 को ध्यान से जांचें. आमतौर पर मील कार्ड का अमाउंट अलग से नहीं दिखाया जाता, बल्कि इसे perquisites में शामिल किया जाता है. HungerBox के CFO रोहन मंधानिया के अनुसार, भले ही यह बेनिफिट टैक्स-फ्री हो, फिर भी इसे ITR में exempt perquisites के तहत सही तरीके से दिखाना जरूरी है.
ईटी की रिपोर्ट में एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर मील कार्ड की वैल्यू तय सीमा से ज्यादा है, तो अतिरिक्त राशि टैक्सेबल सैलरी में जुड़ जाती है. ऐसे में इसे ITR के Schedule S में Section 17(2) के तहत सही जानकारी के साथ रिपोर्ट करना जरूरी है. कई कर्मचारी यह गलती करते हैं कि वे मील कार्ड को पूरी तरह टैक्स-फ्री मान लेते हैं या इसे ITR में सही से दिखाते नहीं हैं. इससे बाद में नोटिस या पेनाल्टी का जोखिम बढ़ सकता है. इसलिए यह सुनिश्चित करें कि Form 16 और ITR में दी गई जानकारी मैच करे. अंत में, मील कार्ड तभी फायदेमंद है जब आप इसका सही उपयोग करते हैं. अगर आपकी खर्च की आदतें इससे मेल नहीं खातीं, तो यह बेनिफिट आपके लिए ज्यादा उपयोगी नहीं होगा. .
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