Delhi

कांग्रेस का ‘बेहतर दिल्ली’ अभियान, 1 मई से ‘संवाद-संघर्ष-समाधान’ कैंपेन शुरू, 2030 में सत्ता वापसी का बनाया रोडमैप

दिल्ली में लगातार 15 साल राज करने के बाद अब उसे 15 सालों के लिए सत्ता का सूखा दिख रहा है. इस सूखे को खत्म करने के लिए 1 मई से पार्टी में बेहतर दिल्ली-संवाद, संघर्ष और समाधान के नाम से मुहल्लावार कैंपेन चलाने जा रही है. दिल्ली कांग्रेस के बड़े नेता और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु चिब ने 2029 के लोकसभा चुनाव और 2030 में राज्य में सत्ता में वापसी के लिए इस बेहतर दिल्ली अभियान की शुरुआत करने का ऐलान किया.

कांग्रेस का ‘बेहतर दिल्ली’ अभियान, 1 मई से ‘संवाद-संघर्ष-समाधान’ कैंपेन शुरू, 2030 में सत्ता वापसी का बनाया रोडमैप
कांग्रेस का ‘बेहतर दिल्ली’ अभियान, 1 मई से ‘संवाद-संघर्ष-समाधान’ कैंपेन शुरू, 2030 में सत्ता वापसी का बनाया रोडमैप

साथ ही शीला सरकार के वक्त की को बदहाल करने के लिए बीजेपी और आप दोनों को कटघरे में खड़ा किया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता से हटने के बाद दिल्ली के 12 साल केंद्र-राज्य के झगड़े में बर्बाद हो गए और अब परिपक्व नेतृत्व के चलते दिल्ली बर्बाद हो रही है.

बेहतर दिल्ली बनाने के लिए कांग्रेस का अभियान

दरअसल, कांग्रेस को लगता है कि केंद्र, एमसीडी और दिल्ली में भाजपा की सरकार है. दिल्ली सरकार का हनीमून पीरियड भी अब खत्म हो चुका है. ऐसे में समय रहते वो जनता से जुड़कर मजबूत विपक्ष बने और आप से अपना वोटबैंक वापस लेकर वो भविष्य में सीधे बीजेपी के सामने फिर खड़ी हो.

साथ ही उसको लगता है कि अगर पंजाब में वो 2027 में आप हराकर सत्ता में आती है, तो आप हाशिये पर चली जायेगी और दिल्ली में उसके लिए सुनहरा मौका होगा. वहीं दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 2029 के चुनाव में राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते वो आप की जगह ले सकती है.

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु चिब ने कहा कि एक समय दिल्ली ग्रीन कैपिटल कही जाती थी, लेकिन अब छोटे मोदी और बड़े मोदी ने मिलकर इसे पॉल्यूशन कैपिटल बना दिया है.

मुहल्लावार जनता से संवाद करेगी कांग्रेस

अपने इस अभियान के तहत वो दिल्ली वालों को गर्मी, सर्दी और बरसात में जो समस्याएं झेलनी पड़ती हैं, उनको लेकर मुहल्लावार जनता से संवाद किया जाएगा. जैसे गर्मी में पीने का पानी, बिजली, बेरोजगारी और कूड़े के ढेर जैसी समस्याओं पर फोकस किया जाएगा. हर मामले को सुधारने के लिए सरकार को टाइमलाइन दी जाएगी.

फिर अगर सुधार नहीं हुआ तो जनता के साथ मिलकर संघर्ष यानी धरना प्रदर्शन आयोजित होंगे. उसके बाद समाधान भी सुझाये जाएंगे. कांग्रेस ने इस अभियान से यूथ कांग्रेस को विशेष रूप से जोड़ा है, क्योंकि उसे लगता है 2014 में सत्ता से बाहर होने के बाद शीला सरकार के वक्त के ज्यादातर नेता या तो नहीं रहे या उम्रदराज हो गए या फिर कांग्रेस छोड़ गए.

ऐसे में यूथ कांग्रेस के जरिए वो नई ऊर्जावान लीडरशिप भी खड़ी करना चाहती है. कांग्रेस इस अभियान का पोस्टर और वीडियो भी आज लॉन्च कर दिया.

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