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मिशन पंजाब से राज्यसभा में नंबर गेम तक… राघव चड्ढा समेत 7 MPs के बीजेपी में जाने के बड़े मायने

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा और अन्य छह सांसद बीजेपी संसदीय दल में मर्ज हो गए हैं. पिछले कुछ महीनों से यह संकेत मिल रहे थे कि पंजाब को लेकर बीजेपी कुछ बड़ी ज्वाइनिंग कराने वाली है, बस बीजेपी को इसके लिए सही समय का इंतजार है. आज जब राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल संविधान क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने पहुंचे तो वहां बीजेपी नेताओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि पूरी रणनीति पहले से तय थी.

मिशन पंजाब से राज्यसभा में नंबर गेम तक… राघव चड्ढा समेत 7 MPs के बीजेपी में जाने के बड़े मायने
मिशन पंजाब से राज्यसभा में नंबर गेम तक… राघव चड्ढा समेत 7 MPs के बीजेपी में जाने के बड़े मायने

अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधित करने पहुंचे राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने आम आदमी पार्टी में भ्रष्टाचार और कंप्रोमाइज होने का आरोप मढ़ा. साथ ही बीजेपी के साथ जाने का ऐलान कर दिया. राघव ने बताया कि आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं, जिसमें से 7 सांसद उपराष्ट्रपति से लिखित में अपनी इच्छा व्यक्त कर चुके हैं कि वे भाजपा में मर्ज होना चाहते हैं.

राघव ने उपराष्ट्रपति से क्या गुजारिश की?

चड्ढा ने कहा कि जो जरूरी दो तिहाई संख्या बल होना चाहिए, उसका पालन करते हुए उन्होंने आम आदमी पार्टी संसदीय दल को भाजपा के साथ मर्ज करने की गुजारिश उपराष्ट्रपति से की है. संसदीय मुद्दों के जानकारों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के सांसदों द्वारा राज्यसभा के सभापति से की गई अपील पर उपराष्ट्रपति बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बातचीत करेंगे और उनकी सहमति के बाद इस बारे में राज्यसभा सचिवालय नोटिफिकेशन जारी करेगा.

राज्यसभा से नोटिफिकेशन जाने जारी होने के बाद इसको राजपत्र में शामिल किया जाएगा. इस तरह से यह सभी 7 सांसद बीजेपी के सदस्य माने जाएंगे. जब तक जब राष्ट्रपति द्वारा नोटिफिकेशन जारी नहीं होता है तब तक टेक्निकली यह सभी सांसद आधिकारिक तौर पर भाजपा ज्वाइन नहीं करेंगे. भाजपा सूत्रों ने बताया कि 3 सांसदों ने आज भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात तो कर ली है लेकिन बाकी के चार सदस्य भी अगले चार-पांच दिनों में पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे.

बचे हुए चार सांसदों में से एक सांसद अमेरिका में है. दूसरे आईपीएल मैच की कमेंट्री कर रहे हैं. एक अन्य कमेटी की बैठक के लिए बाहर हैं और चौथे आज देर शाम दिल्ली पहुंचने वाले हैं. उपराष्ट्रपति की स्वीकृति और उसके बाद राज्यसभा सचिवालय से नोटिफिकेशन और राजपत्र में दाखिल करने के बाद ये सातों सांसद आधिकारिक तौर पर बीजेपी ज्वाइन करेंगे.

राज्यसभा में बढ़त

पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के इन सभी सांसदों की जॉइनिंग अगले पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही है. साथ ही राज्यसभा में एनडीए को मजबूती देने की दृष्टि से भी यह जॉइनिंग अहम है. इन सभी साथ सांसदों की जॉइनिंग के साथ ही राज्यसभा में एनडीए सांसदों की संख्या 141 से बढ़कर 148 हो जाएगी. अब राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत से महज 18 सांसद कम रह गए हैं.

मिशन पंजाब की शुरुआत

  1. बहरहाल पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने वाले हैं और बीजेपी इस बार पूरी ताकत के साथ अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. चड्ढा और अन्य AAP नेताओं का पार्टी में शामिल होना इसी बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य में बीजेपी को मजबूत करना है.
  2. राघव चड्ढा और संदीप पाठक 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP की जीत के प्रमुख रणनीतिकार रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों नेता पिछले कुछ महीनों से बीजेपी के संपर्क में थे. बीजेपी अब पंजाब के अलग-अलग वोटर समूहों पर फोकस करने की योजना बना रही है. उसी के तहत अहम नेताओं को पार्टी में शामिल किया जा रहा है.
  3. पार्टी की नजर पंथिक वोट बैंक पर भी है, जिस पर कभी शिरोमणि अकाली दल (SAD) का दबदबा हुआ करता था. बीजेपी नेताओं का मानना है कि SAD के कमजोर होने के बाद यह वोट बैंक नए विकल्प की तलाश में है, क्योंकि वे कांग्रेस के साथ नहीं जाना चाहते और AAP से भी असंतुष्ट हैं. इसी महीने सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील एचएस फूलका का बीजेपी में शामिल होना भी पंथिक वोटरों को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
  4. राज्य में अनुसूचित जाति (SC) समुदाय पर कांग्रेस की मजबूत पकड़ रही है, लेकिन अब बीजेपी इस वर्ग तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है. फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में संत रविदास जयंती के अवसर पर गए थे. हाल ही में डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास को केंद्र सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया है.
  5. यह डेरा रविदासिया समुदाय का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां देशभर से श्रद्धालु आते हैं.सूत्रों के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कई प्रमुख नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, जिससे पार्टी अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश में है.

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