Satya Report: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी करते हुए बताया कि उसके शुद्ध मुनाफे में 12.5% की गिरावट आई है। वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कंपनी के प्रमुख ऑयलटूकेमिकल्स कारोबार पर दबाव रहा, जिससे टेलीकॉम और रिटेल सेगमेंट की मजबूत प्रदर्शन के बावजूद कुल मुनाफा प्रभावित हुआ। पीटीआई की खबर के मुताबिक, जनवरीमार्च तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर 16,971 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 19,407 करोड़ रुपये था। साथ ही, यह पिछली तिमाही के 18,645 करोड़ रुपये से भी कम रहा।

O2C बिजनेस पर दबाव
कंपनी के राजस्व में सबसे बड़ा योगदान देने वाला O2C सेगमेंट पश्चिम एशिया के भूराजनीतिक संकट से प्रभावित हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के साथ फ्रेट, बीमा और ईंधन लागत बढ़ने से मार्जिन पर असर पड़ा। इसके अलावा, ईंधन निर्यात पर विंडफॉल टैक्स की दोबारा शुरुआत और पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक को एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़ने के फैसले ने भी मुनाफे को प्रभावित किया। राज्य संचालित तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोलडीजल खरीद पर मार्जिन सीमित करने और कीमतें न बढ़ाने की रणनीति ने भी दबाव बढ़ाया।
टेलीकॉम और रिटेल से सहारा
कमजोरी के बीच कंपनी के टेलीकॉम और रिटेल कारोबार ने बेहतर प्रदर्शन किया:
- जियो प्लेटफॉर्म्स का मुनाफा 13% बढ़ा
- कुल सब्सक्राइबर 52.44 करोड़ तक पहुंचे
- प्रति यूजर औसत आय 214 रुपये प्रति माह रही
- 5G यूजर्स 26.8 करोड़, जो कुल ट्रैफिक का लगभग 55% हैं
रिटेल सेगमेंट में रिलायंस रिटेल का मुनाफा बढ़कर 3,563 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही के दौरान 333 नए स्टोर खोले गए, जबकि जियोमार्ट प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर में तेज उछाल देखा गया।
आय और सालाना रिकॉर्ड
तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय बढ़कर 3.03 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 2.69 लाख करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी ने 80,775 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 16% अधिक है। कुल राजस्व 11.75 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया। EBITDA 2.07 लाख करोड़ रुपये रिकॉर्ड हुआ है।
चेयरमैन का नजरिया
कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानीने कहा कि FY26 वैश्विक अस्थिरता, ऊर्जा कीमतों में उतारचढ़ाव और भूराजनीतिक तनावों से भरा रहा। इसके बावजूद कंपनी के विविध कारोबार और मजबूत घरेलू बाजार ने उसे इन चुनौतियों से उबरने में मदद की। उन्होंने डिजिटल और रिटेल कारोबार की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि जियो लगातार अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहा है, जबकि रिटेल बिजनेस ओम्नीचैनल रणनीति और FMCG सेगमेंट में तेजी से बढ़ रहा है।
आगे की दिशा
ऊर्जा क्षेत्र पर बोलते हुए अंबानी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया, लेकिन कंपनी ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी नई ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है, जो भविष्य में ग्रोथ का बड़ा आधार बनेंगी और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेंगी।



