Satya Report: देश में MSME सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही धोखाधड़ी के मामलों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। छोटे कारोबारी अक्सर सीमित संसाधनों और जानकारी की कमी के कारण साइबर फ्रॉड, फर्जी ऑर्डर, पेमेंट स्कैम और नकली सप्लायर्स के जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि MSME से जुड़े लोग सतर्क रहें और कुछ अहम बातों का ध्यान रखें, ताकि अपने कारोबार और मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकें।

फर्जी ऑर्डर और पेमेंट स्कैम से सावधान
कई बार कारोबारी को बड़े ऑर्डर का लालच देकर ठग संपर्क करते हैं। वे एडवांस पेमेंट का झांसा देते हैं या नकली भुगतान रसीद भेज देते हैं। ऐसे मामलों में हमेशा ग्राहक की पूरी जानकारी और कंपनी की साख जांचना जरूरी है।
डिजिटल पेमेंट में सुरक्षा जरूरी
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड भी बढ़ा है। MSME मालिकों को केवल भरोसेमंद पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी भी अनजान लिंक या QR कोड से पेमेंट स्वीकार नहीं करना चाहिए।
दस्तावेजों की सही जांच करें
सप्लायर या क्लाइंट के साथ डील करने से पहले उनके जीएसटी नंबर, कंपनी रजिस्ट्रेशन और बैंक डिटेल्स की जांच करना जरूरी है। बिना वेरिफिकेशन के कोई भी बड़ा सौदा करना जोखिम भरा हो सकता है।
ईमेल और कॉल फ्रॉड से रहें सतर्क
कई ठग खुद को बैंक या सरकारी अधिकारी बताकर संवेदनशील जानकारी मांगते हैं। ऐसे किसी भी कॉल या ईमेल पर भरोसा न करें और अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
कानूनी समझौता करना जरूरी
हर बड़े सौदे के लिए लिखित एग्रीमेंट जरूर करें। इससे विवाद की स्थिति में कानूनी सुरक्षा मिलती है और फ्रॉड की संभावना कम होती है।
सरकारी पोर्टल और हेल्पलाइन का उपयोग करें
सरकार MSME सेक्टर के लिए कई सुरक्षा और जागरूकता प्रोग्राम चला रही है। कारोबारी इनका लाभ उठाकर सही जानकारी हासिल कर सकते हैं और किसी भी धोखाधड़ी की शिकायत संबंधित पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं।



