Satya Report: दिल्लीदेहरादून एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां फर्राटा भरने लगी हैं. यह एक्सप्रेसवे हाल ही में शुरू हुआ है. पीएम नरेंद्र मोदी ने इसका शुभारंभ इसी महीने किया है. इसके बाद यूपी में नई रफ्तार की तैयारी है. दो नए एक्सप्रेसवे तैयार हैं. इनकी चर्चा भी खूब हो रही है. पहला लखनऊकानपुर एक्सप्रेसवे और दूसरा है गंगा एक्सप्रेसवे. इनके शुरू होने से रफ्तार बढ़ेगी. समय बचेगा. जाम घटेगा. औद्योगिक रफ्तार भी बढ़ेगी. व्यापार और नौकरी के मौके भी बढ़ने वाले हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 29 अप्रैल को हरदोई जिले के मल्लावां में गंगा एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करने वाले हैं. इसकी तैयरियां तेज हो चली हैं. खुद सीएम योगी हरदोई जाकर तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं. आइए, जानते हैं कि ये दोनों एक्सप्रेसवे कितने लंबे हैं, कौनकौन से जिले से ये गुजरने वाले हैं? किसे फायदा होगा, कितने घंटे बचेंगे, कब से शुरू होगा और क्याक्या खूबियां हैं.
1 कानपुरलखनऊ एक्सप्रेसवे: 63 किमी लंबा
यह एक्सप्रेसवे लगभग 63 किमी लंबा है. यह 6 लेन का है तथा एक्सेसकंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है. इस पर अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा वहां चल सकेंगे. इसका करीब 18 किमी हिस्सा एलिवेटेड भी है. यह एक्सप्रेसवे लखनऊ, उन्नाव और कानपुर नगर जिले को जोड़ने वाला है. यह एक्सप्रेसवे कई गांव और कस्बों से गुजरेगा. रिपोर्ट्स के अनुसार यह लखनऊ के 11 और उन्नाव के 31 गांवकस्बों से गुजरता है.
कानपुरलखनऊ एक्सप्रेसवे 6 लेन का है और एक्सेसकंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है.
किसे होगा इस नए एक्सप्रेसवे से फायदा?
लखनऊकानपुर के बीच बहुत बड़ी संख्या में लोग रोज अपडाउन करते हैं. इनमें कर्मचारी भी हैं, स्टूडेंट्स भी हैं और व्यापारी भी. बिजनेस और इंडस्ट्रीज से जुड़ी गाड़ियां भी जल्दी पहुंच सकेंगी. कानपुर से लखनऊ आकर फ्लाइट पकड़ने वालों को भी लाभ मिलेगा. सफर छोटा होने से ईंधन भी बचेगा. समय बचने से डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स तेज होंगे. अभी लखनऊ से कानपुर रोड पर अक्सर 2.5 से 3 घंटे तक लग जाते हैं.
नया एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद समय 4045 मिनट तक होने का दावा है. यानी लगभग 1.5 से 2 घंटे तक की बचत हो सकती है. यद्यपि, टोल टैक्स अंतिम रूप से तय नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि यह देश का सबसे छोटा लेकिन टोल के मामले में सबसे महंगा एक्सप्रेसवे होगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका एक तरफ से टोल 275 तथा 24 घंटे में वापसी पर 425 रुपये होगा. पहले उम्मीद की जा रही थी कि इसका शुभारंभ इसी महीने हो जाएगा, लेकिन अब एनएचएआई ने इसे लेकर तस्वीर साफ कर दी है. यह नया एक्सप्रेसवे मई अंत या जून 2026 में शुरू हो सकता है. इसका 10 फीसदी के आसपास काम बाकी है.
नया एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद समय 3545 मिनट तक होने का दावा है.
क्याक्या हैं इसकी खूबियां?
इसमें कई आधुनिक सेफ्टी और मैनेजमेंट फीचर्स बताए जा रहे हैं. हाई स्पीड कॉरिडोर और एक्सेस कंट्रोल युक्त इस सड़क पर सीसीटीवी से निगरानी की व्यवस्था की जा रही है. कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है. आगे चलकर रेस्ट एरिया, फ्यूल स्टेशन, ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाओं की योजना पर भी काम हो रहा है. इस मार्ग पर दो पहिया वाहन नहीं चल सकेंगे. इस एक्सप्रेसवे पर आमजन की सुविधा के लिए 11 अंडरपास लगभग 10 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर, एक रेलवे ओवर ब्रिज तथा चार पुल बने हैं.
2 गंगा एक्सप्रेसवे: मेरठ से प्रयागराज को जोड़ेगा 594 किमी लम्बा रूट
गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई बताई गई है. यह भी सिक्स लेन का है. जरूरत पड़ी तो इसे आठ लेन तक विस्तार दिया जा सकता है. यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजर रहा है. इनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं.
ऐसा है रूट.
किसे फायदा होगा?
यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा. अभी तक ऐसी कोई सड़क नहीं थी, जो इतनी लंबी हो, सुविधाजनक हो. ऐसे में इसका फायदा समाज के हर वर्ग को होने वाला है. चाहे वे व्यापारी हों, किसान हों या सरकारी अधिकारीकर्मचारी या विद्यार्थी. ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स ज्यादा आसान होगा. किसान और छोटे व्यापारी, जिनका माल बड़े बाजारों तक जाएगा. औद्योगिक और वेयरहाउसिंग सेक्टर. पर्यटन और धार्मिक यात्रा करने वाले लोग, खासकर प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट, अयोध्या की ओर.
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को होगा.
अब कितने घंटे बचेंगे?
अभी मेरठ से प्रयागराज की यात्रा में लगभग 1012 घंटे लगते हैं. कई बार ज्यादा भी. एक्सप्रेसवे चालू होने पर यह समय 6 घंटे तक हो सकता है. इस तरह करीब 46 घंटे की बचत संभव है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने की तारीख तय हो गई है. यह आगामी 29 अप्रैल को शुरू हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई जिले में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इस एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करने वाले हैं.
क्याक्या खूबियां हैं?
गंगा एक्सप्रेसवे की कई खास बातें हैं. 120 किमी प्रति घंटा तक की स्पीड से वहाँ फर्राटा भर सकेंगे. इस मार्ग पर कई फ्लाईओवर और पुल हैं. सुविधा केंद्र भी बने हैं. शाहजहांपुर के पास इमरजेंसी रनवे बनाया गया है, जहां जरूरत पड़ने पर एयरफोर्स के विमान उतर सकेंगे. इसकी लंबाई करीब 3.5 किमी बताई गई है.
कुछ और एक्सप्रेसवे का काम प्रगति पर
दिल्लीमुंबई एक्सप्रेसवे अभी आंशिक रूप से चालू है. बाकी हिस्सों पर काम तेजी से चल रहा है. जैसेजैसे पूरे होंगे, जनता को समर्पित होते रहेंगे. बेंगलुरुचेन्नई एक्सप्रेसवे का निर्माण अंतिम चरण में है. बहुत जल्दी यह भी जनता को समर्पित किया जाएगा. दिल्लीअमृतसरकटरा एक्सप्रेसवे कई फेज़ में पूरा होगा. उम्मीद है कि यह रूट मार्च 2028 तक पूरी तरह से ऑपरेशनल होगा.
इस तरह कहा जा सकता है कि लखनऊकानपुर एक्सप्रेसवे रोजाना के सफर को छोटा करेगा. यह टाइम सेविंग वाला रूट बनेगा. ऑफिस, बिजनेस और इमरजेंसी ट्रैवल में राहत मिलेगी. गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के बड़े हिस्से को एक लाइन में जोड़ देगा. यह लंबी दूरी का गेम चेंजर बनेगा. कई जिलों की अर्थव्यवस्था को नया रास्ता मिलेगा. अन्य एक्सप्रेसवे देश को नई रफ्तार देंगे.
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