Satya Report: रंगबिरंगी मछलियां एक्वेरियम में जब तैरती हैं तो बेहद खूबसूरत लगती हैं, लेकिन उनकी देखभाल करना इतना भी आसान नहीं होता है. जो लोग घर में एक्वेरियम रखते हैं उन्हें ये बखूबी पता होगा कि कई बार लाख कोशिशों के बावजूद भी मछलियां जल्दी मर जाती हैं. दरअसल मैंने अपने एक अंकल के यहां भी देखा था कि जब वो शुरुआत में एक्वेरियम लाए थे तो उसमें अक्सर कुछ मछलियां आए दिन मर जाती थीं. इसी तरह से लोग बड़ी एक्साइटमेंट के साथ मछली पालना शुरू करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में वो मरने लगती हैं. ऐसे में लोग परेशान हो जाते हैं. दरअसल आपको इसका सॉल्यूशन निकालना जरूरी है. कुछ ऐसी गलतियां लोग जानेअनजाने करते हैं, जिससे मछलियां जल्दी मर जाती हैं.

घर में कोई भी पेट पाला जाए तो उसके बारे में कुछ जानकारियां पहले से ही लेना जरूरी होता है. कई बार आधीअधूरी जानकारी की वजह से घर में पाले गए पशुपक्षियों को नुकसान पहुंचता है. ऐसा ही मछली पालन के साथ भी है. आपको इस बारे में कुछ जरूरी बातें पता होनी चाहिए. तो चलिए जान लेते हैं कि वो कौन सी गलतियां होती हैं, जिससे घर के एक्वेरियम में रखीमछलियां जल्दी मर जाती हैं.
पहले ही दिन मछलियां डाल देना
दरअसल ज्यादातर लोग पहली बार में जब मछली पालना शुरू करते हैं तो वो एक्वेरियम में पानी भरने के बाद तुरंत ही मछलियां डाल देते हैं जबकि ये गलती नहीं करनी चाहिए. एक्वेरियम टैंक की साइकिल को कंप्लीट करना जरूरी होता है. ये एक ऐसा प्रोसेस होता है, जिसमें एक्वेरियम के अंदर गुड बैक्टीरिया की कॉलोनी बनानी होती है ताकि मछलियों के मल और बचे हुए खाने से बनने वाला जहरीला अमोनिया नेचुरली नाइट्रेट में बदल जाए.
ऐसे बढ़ाएं गुड बैक्टीरिया
इसके लिए आप पहले टैंक का सेटअप करें. इसमें आप क्लोरीन रहित पानी डालें, फिर बजरी या सब्सट्रेट डालें, फिल्टर, हीटर और जो भी जरूरी डेकोरेटिव चीजें हैं वो लगा दें. इसके बाद फिल्टर को चालू कर दें. इसे आपको 24/7 चलाए रखना है. इसके बाद आपको पानी में थोड़ा सा मछली का खाना रोज डालना है और कुछ बूंदें सेफ अमोनिया की भी डालें. इस प्रोसेस में 67 दिन लगते हैं, क्योंकि पहले अमोनिया बढ़ता है, फिर नाइट्राइट और सबसे लास्ट में नाइट्रेट. आप टेस्टिंग किट से रोजाना पानी में मौजूद इन तीनों चीजों के लेवल को चेक करें. जब नाइट्राइट 0ppm हो जाए और नाइट्रेट की मौजूदगी दिखे तो इसमें मछलियां डालें.
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दूसरी गलती ज्यादा चारा डालना
कई बार हमें लगता है कि मछलियां भूखी न रह जाएं और इसी के चलते लोग मछलियों को ज्यादा खाना डाल देते हैं. ये बचा हुआ चारा सड़ जाता है, जिससे पानी में अमोनिया बढ़ता है और मछलियों की सेहत को नुकसान होने लगता है. इससे वो मर सकती हैं. एक दिन में केवल 12 बार कुछ मिनट के लिए ही मछलियों को चारा डालना चाहिए.
बहुत ज्यादा मछलियां डालना
घर में रखे एक्वेरियम में कई बार हम एकएक करके कई मछलियां डालते जाते हैं ताकि ये देखने में और भी खूबसूरत लगे, लेकिन इससे मछलियों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती है और स्ट्रेस दम घुटने की वजह से उन्हें नुकसान हो सकता है. ये ध्यान दें कि मछलियों को टैंक में तैरने के लिए अच्छी जगह मिल सके.
पानी बदलते वक्त गलती
मछलियां अगर आपने एक बार एक्वेरियम में डाल दी हैं तो सिर्फ उन्हें चारा देना ही काफी नहीं होता है बल्कि साफसफाई पर ध्यान देना होता है. ज्यादातर लोग ये गलती करते हैं कि वो पूरा पानी चेंज कर देते हैं और फिर से वही प्रोसेस हो जाता है कि नाइट्रेट की कमी रहती है. टैंक की सफाई के दौरान हर हफ्ते सिर्फ 25 प्रतिशत ही पानी चेंज करना चाहिए और बाकी चीजें हटा दें जैसे पौधों पर जमी गंदगी, बचा हुआ खाना क्लीन करें. इससे एक्वेरियम का इकोसिस्टम बैलेंस रहता है, जो मछलियों के हेल्दी रहने के लिए जरूरी है.
पानी के पैरामीटर इग्नोर करना
दरअसल मछलियां बहुत ही संवेदनशील होती हैं टैंक के पानी का pH अगर थोड़ा सा भी चेंज हो जाए तो मछलियां जल्दी ही मर सकती हैं. जब भी आप मछली खरीदने जाएं तो शॉप कीपर से पहले ही इसकी पूरी जानकारी ले लें. आप freshwater master test kit खरीद सकते हैं, जिससे बीचबीच में पानी के पीएच की जांच करते रहें.



