Satya Report: KGMU Study on TB: टीबी को लेकर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा हाल ही में एक विस्तृत अध्ययन जारी किया गया है। पांच वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली इस रिसर्च में सामने आया है कि उम्र बढ़ने के साथ टीबी के मामले पुरुषों में जहां तेजी से बढ़ रहे हैं वहीं महिलाओं में इनमें कमी देखी गई है। यह अध्ययन बीएमसी जेरियाट्रिक्स जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

ऐसा बोल रहे हैं अध्ययन के आंकड़े
अध्ययन में कुल 41,751 के डेटा का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने मरीजों को तीन आयु वर्गों में बांटा था: 018 वर्ष, 1959 वर्ष और 60 वर्ष से अधिक। आंकड़ों के अनुसार 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में पुरुषों की भागीदारी सबसे अधिक 78.16% रही, जबकि महिलाओं की केवल 21.84% थी। वहीं, 1959 वर्ष के आयु वर्ग में 66.66% पुरुष और 33.34% महिलाएं शामिल रहीं। बच्चों में भी टीबी के मामलों में 61.92% पुरुष और 38.09% महिलाएं थीं।
पुरुषों में क्यों बढ़ रहा है खतरा?
केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख और नॉर्थ जोन टास्क फोर्स के चेयरमैन प्रो. सूर्यकांत के अनुसार महिलाओं की तुलना में पुरुषों में टीबी के मामले अधिक होने के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण जिम्मेदार है।
- मधुमेह: यह बीमारी पुरुषों में अधिक पाई जाती है जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और टीबी का खतरा बढ़ जाता है।
- वायु प्रदूषण: पुरुषों का कार्यक्षेत्र या बाहर का वातावरण उन्हें अधिक प्रदूषण के संपर्क में लाता है।
- धूम्रपान: तंबाकू और धूम्रपान का सेवन टीबी के प्रसार का एक प्रमुख कारक है जिसका पुरुषों में प्रचलन अधिक है।
प्रतीकात्म तस्वीर
महिलाओं में राहत का कारण
अध्ययन में एक सकारात्मक पहल को भी महत्वपूर्ण माना गया है। इस योजना के तहत महिलाओं को स्वच्छ ईंधन मिलने से उन्हें चूल्हे के धुएं से राहत मिली है जो फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों और टीबी का एक बड़ा कारण होता है।
बुजुर्गों में दवा का प्रतिरोध
रिसर्च में मल्टीड्रग रेजिस्टेंट टीबी का भी विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि बुजुर्ग मरीजों में दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता अधिक है। यह दर बुजुर्गों में 9.38% थी जबकि वयस्कों में 8.36% और बच्चों में 7.05% पाई गई।
यह महत्वपूर्ण रिपोर्ट डॉ. दिव्या भट्ट, डॉ. रश्मि रत्नम, डॉ. फैसल अब्बास, डॉ. मनु सिंह, डॉ. उर्मिला सिंह और डॉ. पारुल जैन की टीम द्वारा तैयार की गई है जो टीबी उन्मूलन की दिशा में नई जानकारी प्रदान करती है।



