Satya Report: Parashuram Dwadashi 2026: हाल ही में 19 अप्रैल को परशुराम जयंती मनाई गई थी और अब 28 अप्रैल 2026 को परशुराम द्वादशी मनाई जाएगी। अधिकतर लोग परशुराम जयंती के बारे में तो जानते हैं लेकिन परशुराम द्वादशी का कम ही लोगों का पता है। लेकिन आपको बता दें भगवान परशुराम को समर्पित इस त्योहार का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना गया है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं उन्हें संतान सुख और सुखसमृद्धि की प्राप्ति होती है। चलिए जानते हैं इस व्रत की महिमा, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।

परशुराम द्वादशी 2026
परशुराम द्वादशी 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। द्वादशी तिथि का प्रारंभ 27 अप्रैल की शाम 06:15 से होगा और इसका समापन 28 अप्रैल की शाम 06:51 बजे होगा। परशुराम द्वादशी व्रत पारण समय 29 अप्रैल की सुबह 05:42 से 08:21 बजे तक रहेगा।
परशुराम द्वादशी व्रत पूजा विधि
- परशुराम द्वादशी के दिन पूजा, व्रत और दान का विशेष महत्व होता है।
- इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु या परशुराम जी का ध्यान करें।
- भगवान की प्रतिमा के समक्ष घी का दीपक जलाएं। फूल अर्पित करें और भोग लगाएं।
- परशुराम द्वादशी की कथा पढ़ें।
- अंत में आरती करके प्रसाद सभी में बांट दें।
- पूरे दिन फलाहार ग्रहण करते हुए व्रत रहें और फिर अगले दिन शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें।
परशुराम द्वादशी का महत्व
परशुराम द्वादशी के दिन परशुराम जी की वीरता और मातापिता के प्रति उनकी अटूट भक्ति का स्मरण किया जाता है। माना जाता है कि इस दिन जो भी व्यक्ति सच्चे मन से भगवान परशुराम या भगवान विष्णु की विधिविधान पूजा करता है उसके जीवन के सारे संकट खत्म हो जाते हैं। यह दिन धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस दिन लोग व्रत रखकर भगवान परशुराम से जीवन में सही मार्गदर्शन की प्रार्थना करते हैं।



