Satya Report: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रविवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स के बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट देने पर विवाद हो गया था। इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए नियम बनाने वाली संस्था मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब ने स्पष्टीकरण जारी किया है। रघुवंशी ने तेज रन लेने की कोशिश की, लेकिन उनके साथी कैमरन ग्रीन ने मना कर दिया।

रन लेते वक्त पिच के ऑफ साइड में दौड़ रहे थे। वह क्रीज में वापस लौटने के लिए घूमे और लेग साइड की तरफ आ गए। उन्होंने क्रीज में पहुंचने के लिए डाइव लगाई और थ्रो उन्हें लगा। लखनऊ सुपर जायंट्स ने अपील की। रिव्यू के बाद थर्ड अंपायर ने नियम 37 के तहत ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट दे दिया।
एमसीसी ने क्या कहा?
स्पष्टीकरण में एमसीसी ने बताया कि नियम 37.1.1 के मुताबिक अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर फील्डिंग साइड में बाधा या ध्यान भटकाने की कोशिश करता तो उसे आउट माना जाता है। एमसीसी ने टॉम स्मिथ की क्रिकेट अंपायरिंग एंड स्कोरिंग में छपे एक पुराने वाकये का जिक्र किया। इसमें कहा गया है कि अगर कोई बल्लेबाज दौड़ते समय अपनी दिशा बदलता है और यदि खासकर पिच पर ऐसा होता है तो यह जानबूझकर किया गया काम माना जाएगा।
अंगकृष रघुवंशी जानबूझकर गेंद के बीच में आए
एमसीसी के स्पष्टीकरण के मुताबिक अंगकृष रघुवंशी ने विकेट के ऑफ साइड से दौड़ना शुरू किया, लेकिन थ्रो आते ही वह पिच के बीच की तरफ चले गए। फिर लेग साइड में चले गए। ऑफ साइड से लेग साइड जाने से वह सीधे गेंद और स्टंप के बीच की लाइन में आ गए। माना गया कि यह जानबूझकर किया गया और इसलिए यह ऑब्सट्रक्शन के दायरे में आया। एमसीसी ने आगे कहा कि अगर बल्लेबाज ऑफ साइड में रहता या लेग साइड में उसी रास्ते से वापस आते तो शायद वह आउट नहीं होते।
रियान पराग पर 25% मैच फीस का जुर्माना
आईपीएल 2026 में बड़ा विवाद सामने आया जब रियान पराग राजस्थान रॉयल्स के ड्रेसिंग रूम में ईसिगरेट का इस्तेमाल करते दिखे। बीसीसीआई ने एक्शन लेते हुए उन पर जुर्माना लगाया, जबकि आगे और सख्त कार्रवाई पर भी विचार हो रहा है। ।



