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अदाणी पोर्ट्स ने बढ़ाई रफ्तार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी मजबूत पकड़…

Satya Report: अहमदाबाद से बड़ी आर्थिक खबर सामने आई है। देश की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और पोर्ट ऑपरेटर कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 और चौथी तिमाही के अपने मजबूत नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने इस बार रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए कई अहम क्षेत्रों में तेज़ ग्रोथ दर्ज की है, जिससे इसका बिजनेस मॉडल और अधिक मजबूत दिखाई दे रहा है।

अदाणी पोर्ट्स ने बढ़ाई रफ्तार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी मजबूत पकड़…
अदाणी पोर्ट्स ने बढ़ाई रफ्तार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी मजबूत पकड़…

कंपनी के अनुसार, FY26 के दौरान उसका पोर्ट कार्गो वॉल्यूम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर लगभग 500 मिलियन टन रहा। यह प्रदर्शन वैश्विक चुनौतियों और भूराजनीतिक अस्थिरता के बावजूद हासिल किया गया है। कंपनी ने बताया कि इस वर्ष उसका इंटीग्रेटेड मॉडल लगातार मजबूत हुआ है, जिसमें पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मरीन सेवाओं का बड़ा योगदान रहा।

APSEZ के CEO अश्वनी गुप्ता ने कहा कि कंपनी ने न केवल अपने लक्ष्य को पार किया है बल्कि आने वाले वर्षों के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार किया है। उन्होंने बताया कि FY26 में कंपनी की लॉजिस्टिक्स और मरीन सेवाओं में क्रमशः 55% और 134% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि कंपनी अब केवल पोर्ट ऑपरेटर नहीं बल्कि एक पूर्ण लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदाता बन चुकी है।

पोर्ट बिजनेस में मजबूती

FY26 में घरेलू पोर्ट रेवेन्यू में 13% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹25,755 करोड़ तक पहुंच गया। कंटेनर मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 45.5% रही। EBITDA भी 14% बढ़कर ₹18,849 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का मार्जिन 73% से अधिक बना रहा, जो इसके मजबूत ऑपरेशनल कंट्रोल को दर्शाता है।

कंपनी की कुल पोर्ट क्षमता 653 MMT तक पहुंच चुकी है और इसका लक्ष्य 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग का है।

अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स का योगदान

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी APSEZ ने मजबूत प्रदर्शन किया। Q4 FY26 में अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स का रेवेन्यू 58% बढ़ा। विशेष रूप से कोलंबो और NQXT पोर्ट के योगदान से EBITDA में पांच गुना तक वृद्धि दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मार्जिन भी 28% से बढ़कर 42% तक पहुंच गया।

लॉजिस्टिक्स और मरीन सेक्टर में तेज़ ग्रोथ

लॉजिस्टिक्स बिजनेस ने FY26 में 55% की वृद्धि दर्ज की। कंपनी का फोकस अब एसेटलाइट और एसेटज़ीरो मॉडल पर है, जिससे ट्रकिंग और फ्रेट नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है। इस सेक्टर का EBITDA भी 34% बढ़ा है।

मरीन सेक्टर में तो और भी तेज़ उछाल देखने को मिला, जहां रेवेन्यू 134% और EBITDA 125% तक बढ़ गया। कंपनी के पास अब 136 मरीन वेसल्स का बेड़ा है, जो इसे वैश्विक समुद्री सेवाओं में मजबूत स्थिति देता है।

वित्तीय स्थिति और कर्ज प्रबंधन

कंपनी ने बताया कि उसका ग्रॉस डेब्ट ₹55,103 करोड़ है, जबकि कैश बैलेंस ₹12,193 करोड़ है। नेट डेब्ट टू EBITDA रेशियो 1.9x पर बना हुआ है, जो वित्तीय स्थिरता को दर्शाता है। FY26 में कंपनी का कैपेक्स ₹15,320 करोड़ रहा, जो पहले अनुमान से अधिक है।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने भी कंपनी की वित्तीय स्थिति को स्थिर और मजबूत बताया है। कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने कंपनी की रेटिंग को BBB से AAA तक के मजबूत स्तर पर बनाए रखा है।

निवेश और भविष्य की योजना

कंपनी ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े निवेशों की योजना बनाई है। इसमें ग्रीन फील्ड पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स पार्क, मरीन फ्लीट विस्तार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। APSEZ का लक्ष्य भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनाना है।

कंपनी ने FY26 के लिए ₹7.5 प्रति शेयर डिविडेंड की भी घोषणा की है, जिससे निवेशकों को लाभ मिलेगा।

कुल मिलाकर, FY26 APSEZ के लिए एक मजबूत विकास वर्ष साबित हुआ है। पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मरीन सेक्टर में जबरदस्त ग्रोथ के साथ कंपनी ने न केवल अपने बिजनेस मॉडल को मजबूत किया है बल्कि भारत की इन्फ्रास्ट्रक्चर कहानी में अपनी भूमिका और भी महत्वपूर्ण कर दी है। आने वाले वर्षों में कंपनी का फोकस वैश्विक विस्तार और क्षमता बढ़ाने पर रहेगा।

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