Satya Report: Labour Day 2026 Date, History, Theme: पूरी दुनिया में अनगिनत मजदूर अपनी मेहनतकश श्रम से समाज के साथसाथ अर्थव्यवस्था की नींव को मजबूत करते हैं। इनके परिश्रम को समर्पित होता है एक दिन जिसका नाम है अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस। इस दिन के अंग्रेज़ी में लेबर डे, मे डे और वर्कर्स डे के नाम भी हैं। हर साल यह दिन मनाया जाता है इस उम्मीद के साथ मजदूरों के उनके हक की सभी चीजें मिल सकें। कब और क्यों मनाया जाता है यह दिन और क्या है इसके पीछे का इतिहास आइए जानें।

कब मनाया जाता है मजदूर दिवस?
यह दिन भारत के अलावा क्यूबा और चीन जैसे अन्य देशों में हर साल 1 मई को मनाया जाता है। मई के पहले दिन कई देशों में आधिकारिक छुट्टी का दिन होता है।
मजदूर दिवस का इतिहास
मजदूर संघ आंदोलन से इस दिन की शुरुआत हुई थी। यह दिन श्रमिकों के अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ पिछले श्रम संघर्षों की याद दिलाता है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत 19वीं सदी में हुई। ऐसा बताया जाता है कि उस समय मजदूरों से 1216 घंटे तक काम कराया जाता था। इससे परेशान होकर 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में हजारों मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग को लेकर हड़ताल की। यही आंदोलन हेमार्केट अफेयर के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
अंतर्राष्ट्रीय दिवस बनने की कहानी
ऐसा बताया जाता है कि 1889 में सेकेंड इंटरनेशनल नामक संगठन ने 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। इसके बाद ही कई देशों में यह सेलिब्रेट किए जाने लगा। भारत में पहली बार मजदूर दिवस 1923 में चेन्नई में मनाया गया था।



