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KL Rahul का सबसे बड़ा सपना, बोले- ‘रिकॉर्ड नहीं, MS Dhoni जैसी 5 IPL Trophy जीतनी है’

Satya Report: दिल्ली कैपिटल्स के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने स्पष्ट किया कि खिताब के बिना व्यक्तिगत उपलब्धियों का कोई महत्व नहीं है और कहा कि उनकी दिली इच्छा महेंद्र सिंह धोनी के पांच आईपीएल खिताब की बराबरी करना है।
आईपीएल में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में हाल में धोनी से आगे निकलने वाले राहुल ने इस उपलब्धि को कम करके आंका और टीम को प्राथमिकता देने वाले अपने दृष्टिकोण को दोहराया।

KL Rahul का सबसे बड़ा सपना, बोले- 'रिकॉर्ड नहीं, MS Dhoni जैसी 5 IPL Trophy जीतनी है'
KL Rahul का सबसे बड़ा सपना, बोले- 'रिकॉर्ड नहीं, MS Dhoni जैसी 5 IPL Trophy जीतनी है'

राहुल ने जिओस्टार से कहा, ‘‘मुझे तो पता भी नहीं चला कि मैं माही भाई से आगे निकल गया हूं। व्यक्तिगत उपलब्धियां अच्छी होती हैं। इनसे भरोसा होता है कि मैं सही दिशा में आगे बढ़ रहा हूं। लेकिन मुझे सबसे ज्यादा खुशी धोनी जितनी ट्रॉफियां जीतने से होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट एक टीम खेल है। आप ट्रॉफी जीतना चाहते हैं। आप सफल टीमों का हिस्सा बनना चाहते हैं। यही हमेशा से मेरा लक्ष्य रहा है।’’
इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ अपने शानदार रिकॉर्ड के बारे में भी बात की, जिसका श्रेय उन्होंने अपने घरेलू मैदान से भावनात्मक लगाव को दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस बारे में सोचा है कि क्या मेरे पास आरसीबी के लिए कोई खास रणनीति है, लेकिन मुझे इसका जवाब नहीं मिला है। चिन्नास्वामी मेरे लिए बहुत खास है। मैं वहीं पलाबढ़ा हूं और जब भी मैं उस मैदान पर खेलता हूं तो कुछ अलग ही अहसास होता है।’’
राहुल ने कहा, ‘‘जब भी मैं चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेलता हूं तो मैं कुछ अलग तरह से महसूस करता हूं। मैंने आरसीबी के खिलाफ ही नहीं अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी वहां अच्छा प्रदर्शन किया है। कुछ स्टेडियम आपको सकारात्मक माहौल देते हैं और आपको यह महसूस कराते हैं कि आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’

राहुल ने भारत की नई पीढ़ी के बल्लेबाजों के निडर रवैये की भी सराहना की और कहा कि कैसे युवा खिलाड़ी अपनी आक्रामक मानसिकता से टी20 बल्लेबाजी को फिर से परिभाषित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘वे किसी गेंदबाज की प्रतिष्ठा से नहीं डरते, फिर चाहे वह जसप्रीत बुमराह हों या पैट कमिंस। वे बस गेंद देखते हैं और उसे मैदान से बाहर मारना चाहते हैं। नए जमाने के क्रिकेटर जो कर रहे हैं वह अद्भुत है। वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। 15 साल की उम्र में दो शतक लगाने के बारे में मैंने सपने में भी नहीं सोचा था।

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