Satya Report: Agra/Firozabad News: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. कई जिलों में ग्रामीणों और शहरी उपभोक्ताओं ने इन मीटरों के खिलाफ प्रदर्शन किया है. लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में असामान्य बढ़ोतरी हो रही है, जिससे घरेलू बजट पर असर पड़ रहा है. कुछ स्थानों पर गुस्साए लोगों ने मीटर उखाड़कर फेंक दिए और बिजली विभाग की टीमों को काम करने से रोक दिया.

कुछ तस्वीरें आगरा और फिरोजाबाद जिले से कुछ तस्वीरें सामने आई हैं. आगरा के अकोला गांव में जहां ग्रामीणों ने बिजली विभाग की टीम को खदेड़ दिया, वहीं फिरोजाबाद में महिलाओं ने मीटर उखाड़कर उपकेंद्र पर फेंक दिए. दोनों जगहों पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
आगरा में बिजली टीम का विरोध, मीटर उखाड़े
आगरा के अकोला गांव में उस समय स्थिति बिगड़ गई, जब बिजली विभाग की टीम मीटर लगाने पहुंची. बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी. आक्रोश इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने लगाए गए स्मार्ट मीटरों को पोल से उखाड़कर फेंक दिया. हालात बिगड़ते देख विभागीय कर्मचारियों को मौके से वापस लौटना पड़ा. ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर पुराने मीटरों की तुलना में तेज चलते हैं, जिससे बिजली बिल दोगुना आ रहा है. उन्होंने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे और पुराने मीटर ही बहाल किए जाएं.
ग्रामीणों का कहना है, “हम गरीब लोग हैं, स्मार्ट मीटर के नाम पर हमें लूटा जा रहा है. जब तक पुराने मीटर वापस नहीं लगते, हम नए मीटर नहीं लगने देंगे.” स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पर विचार किया जा रहा है.
फिरोजाबाद में महिलाओं का प्रदर्शन
वहीं फिरोजाबाद जिले के टूंडला थाना क्षेत्र में भी स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध देखने को मिला. नगला रति विद्युत फीडर उपकेंद्र पर करीब 5060 महिलाएं एकत्रित होकर प्रदर्शन करने पहुंचीं. महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी की और अपने घरों से हटाए गए स्मार्ट मीटर उपकेंद्र परिसर में फेंक दिए. उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में असामान्य बढ़ोतरी हो रही है, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है.
बिजली आपूर्ति और बिलिंग पर सवाल
महिलाओं ने यह भी शिकायत की कि बिल जमा करने के बावजूद कई बार बिजली आपूर्ति बाधित कर दी जाती है. इससे उन्हें बारबार विभागीय दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की. विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर देवेन्द्र कुमार ने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया.
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. फिलहाल, दोनों जगहों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी है. स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ता विरोध सरकार और बिजली विभाग के लिए चुनौती बनता जा रहा है. यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो यह विरोध और बड़े स्तर पर फैल सकता है.



