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लाइफ जैकेट से वजन तक…नाव की सवारी से पहले जानें सेफ्टी टिप्स, बरगी हादसे से उठा सवाल

Satya Report: यात्रा पर निकलने वाले अपने अलगअलग तरीकों से इसे एंजॉय करते हैं. पहाड़ों की यात्रा पर जाने वाले बंजी जंपिंग, ट्रैकिंग या दूसरे एडवेंचर स्पोर्ट्स करते हैं. वहीं बीच या किसी नदी को ट्रिप का हिस्सा बनाने वाले नाव की सवारी यानी बोटिंग जरूर करते हैं. देश में कई ऐसे टूरिस्ट स्पॉट्स हैं जहां बोटिंग के बिना ट्रिप अधूरी रहती है. लेकिन ये तरीका कब मुसीबत बन जाए ये किसी को पता नहीं होता. मध्य प्रदेश के जबलपुर से ऐसा ही हादसा सामने आया है जहां क्रूज के पलटने से कई लोगों ने डूबकर अपनी जान गंवा दी है. इस हादसे से जुड़ी एक मां और बच्चे की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस तस्वीर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है.

लाइफ जैकेट से वजन तक…नाव की सवारी से पहले जानें सेफ्टी टिप्स, बरगी हादसे से उठा सवाल
लाइफ जैकेट से वजन तक…नाव की सवारी से पहले जानें सेफ्टी टिप्स, बरगी हादसे से उठा सवाल

हाल ही में मथुरा में भी नाव के डूबने की वजह से श्रद्धालुओं की मौत हो गई. ऐसे कई हादसे हर बार देखने को मिलते हैं. दरअसल, भारतीयों में अधिकतर लोगों को नाव की सवारी करने से पहले कई जरूरी नियम पता ही नहीं होते हैं. जानें इनके बारे में….

नाव की सवारी का एक्सपीरियंस

नदी, झील या समुद्र में नाव की सवारी एक एंडवेचर और ग्रेट एक्सपीरियंस होता है. पर इसमें की गई थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे की वजह बन जाती है. चलिए आपको बताते हैं कि नाव या क्रूज की सवारी करने में किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए.

नाव की क्षमता

क्या आप जानते हैं कि छोटे स्तर की नावों में नीचे की तरफ कितनी सवारी उसमें आ सकती हैं ये लिखा होता है. साथ ही सफेद पट्टी भी बनाई गई होती है. ये पट्टी अगर सवारियों के चढ़ते समय पानी में डूबने लगे तो ये दर्शाता है कि भार अतिरिक्त हो रहा है. इसके अलावा बड़ी नावों में भी कितनी सवारी आ सकती हैं इसकी जानकारी लिखी होती है. किसी भी हालात में जरूरत से ज्यादा भरी हुई नाव में चढ़ने या यात्रा करने की कोशिश न करें. ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है.

मौसम की जानकारी

बरगी नाव हादसे में लोग जब क्रूज पर चढ़े तब मौसम ठीक था. लेकिन नदी के बीच में जाने के बाद तेज हवा चलने लगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक हवा के कारण क्रूज पलट गई और हादसे की चपेट में कई लोग आ गए. नाव की सवारी करने से पहले संबंधित प्रशासन या अधिकारियों से मौसम की जानकारी जरूर लें.

लाइफ जैकेट है सबसे जरूरी

नाव में बैठने से पहले हमेशा लाइफ जैकेट सबसे पहले पहनें. अगर आपको तैरना आता है फिर भी लाइफ जैकेट को पहनना जरूरी हैं. लाइफ जैकेट को पहनने के बाद चेक जरूर करें कि इसमें कोई खामी तो नहीं है. नाव में बैलेंस बिगड़ने, तेज लहर या फिसलने की सिचुएशन में ये सबसे बड़ी सुरक्षा का रोल निभाती है.

लोकल रूल्स को फॉलो करें

जहां भी बोटिंग करने जाएं वहां से सुरक्षा नियमों को ठीक से पढ़ें या समझें. कुछ जगहों पर गहरे पानी, प्रतिबंधित क्षेत्र और तेज धारा वाले हिस्सों में जाने की मनाही होती है.

बचाव के लिए प्लान को जानें

नाव में चढ़ते समय पहले ये जानने की कोशिश करें कि अगर इमरजेंसी हो तो हमें क्या करना चाहिए. नाव या क्रूज के अंदर रेस्क्यू वाले टूल्स कहां पर हैं. सेफ्टी के नियम अगर नाव में लिखें तो उन्हें भी पढ़ें. इसके अलावा बोट को चलाने वाले की जानकारी भी पहले ही लेनी चाहिए कि उसे कितना एक्सपीरियंस है.

टाइम का रखें ध्यान

सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद नाव यात्रा न करें, क्योंकि अंधेरे में खतरा बढ़ जाता है. अंधेरे में अगर कोई हादसा होता है तो बचाव में काफी दिक्कतें आती हैं. इसके अलावा आपको सीपीआर देने की जानकारी भी होनी चाहिए. अगर कोई पानी में डूब रहा हो और बाहर निकलने पर वो बेहोश हो जाए तो आप सीपीआर के जरिए उसे रेस्क्यू कर सकते हैं.

contact.satyareport@gmail.com

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