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‘‘टेंशन ना लें, तीनों फॉर्मेट खेलूंगा’’, पीएसएल 11 का खिताब जीतते ही बाबर आजम ने लगाया ‘मास्टर स्ट्रोक’

बाबर आजम ने पाकिस्तान सुपर लीग 2026 का खिताब जीतते ही करियर को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। बतौर कप्तान पेशावर जालमी को चैंपियन बनाने और पूरे सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बाबर ने साफ कहा, ‘‘टेंशन ना लें, मैं तीनों फॉर्मेट खेलूंगा।’’ बाबर आजम के इस बयान ने उन चर्चाओं को खत्म कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि वह अब सीमित ओवर क्रिकेट पर फोकस कर सकते हैं।

‘‘टेंशन ना लें, तीनों फॉर्मेट खेलूंगा’’, पीएसएल 11 का खिताब जीतते ही बाबर आजम ने लगाया ‘मास्टर स्ट्रोक’
‘‘टेंशन ना लें, तीनों फॉर्मेट खेलूंगा’’, पीएसएल 11 का खिताब जीतते ही बाबर आजम ने लगाया ‘मास्टर स्ट्रोक’

बाबर आजम पाकिस्तान सुपर लीग 2026 में बाबर आजम सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में शीर्ष पर रहे। बाबर आजम ने 11 मैच में 73.50 के औसत और 145.91 के स्ट्राइक रेट से 588 रन बनाये। बाबर आजम ने सीजन के दौरान 60 चौके और 15 छक्के लगाये।

PSL 11 का खिताब जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबर आजम ने एक पत्रकार के उस सवाल को बीच में ही काट दिया, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या वह किसी खास फॉर्मेट पर ही ध्यान देंगे। बाबर आजम ने सवाल को बीच में ही रोकते हुए पत्रकार से कहा, ‘‘टेंशन न लें, तीनों फॉर्मेट खेलूंगा।’’

बाबर आजम ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, ‘‘यह खिलाड़ी का काम नहीं है कि वह तय करे के कौन सा फॉर्मेट छोड़ना है। एक खिलाड़ी का काम सिर्फ खेलना होता है। मेरी राय में, हर खिलाड़ी को क्रिकेट के हर फॉर्मेट में खेलना चाहिए। आपको सिर्फ व्हाइट बॉल या टी20 पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए। रेडबॉल क्रिकेट आपको बहुत ज्यादा अनुभव देता है। यह आपको सिखाता है कि पारी कैसे बनाई जाती है और आपको सब्र देता है।’’

बाबर ने कहा, ‘‘जब आप चारदिन का क्रिकेट या घरेलू सर्किट में खेलते हैं तो आपको ‘लंबे’ रन बनाने का अनुभव मिलता है। आपको तीनों फॉर्मेट खेलने चाहिए, क्योंकि हर फॉर्मेट दूसरे में मदद करता है। रेड बॉल आपको टी20 और वनडे इंटरनेशनल में मदद करती है। जब आप टेस्ट मैच खेलते हैं तो सब्र और मानसिकता दोनों विकसित करते हैं, यानी लंबी पारी खेलने की कला, जो आपको व्हाइटबॉल क्रिकेट में काफी फायदा पहुंचाती है।’’

बाबर से यह भी पूछा गया कि आखिरकार उन्होंने टीम को कैसे PSL चैंपियन बनाया। बाबर ने कहा, देर आए दुरुस्त आये। कभीकभी चीजें देर से मिलती हैं और कभीकभी वे जल्दी हो जाती हैं। बाबर ने इस बारे में भी बात की कि वह खुद से की गई उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए।

बाबर ने कहा, ‘‘जहां तक ​​बल्लेबाजी की बात है तो मैं खुद से की गई उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया, लेकिन ऐसी चीजें होती रहती हैं। कभीकभी जब आप मैदान पर उतरते हैं तो आप योजनाओं को ठीक वैसे लागू नहीं कर पाते जैसा आप चाहते थे। आप सब आजमाते हैं, लेकिन चीजें पक्ष में नहीं जातीं। ऐसे पलों में आप दो कदम पीछे हटकर खुद को देखने की कोशिश करते हैं। आप गलतियों का विश्लेषण करते हैं। उन्हें सुधारने की कोशिश करते हैं।’’

बाबर ने कहा, ‘‘मैंने भी यही किया। उस दौर में, मेरे सबसे करीबी लोगों ने मुझे बहुत ज्यादा सहारा दिया। ऐसे समय में आपको सचमुच उस सहारे की जरूरत होती है। मेरे परिवार और करीबी दोस्तों ने मुझे प्रेरित किया और मेरी ‘सबसे अच्छी क्षमताओं’ के बारे में मुझसे लगातार बात करते रहे। मैंने उन चीजों को दोहराने की भी कोशिश की, जिन्हें मैं सबसे अच्छा करता हूं।’’

बाबर ने बताया, ‘‘मैंने अपने कोचों से बात की, चर्चाएं कीं और अपने खेल पर काम किया। देखिये, चीजें एक रोलरकोस्टर की तरह चलती हैं। ज़िंदगी कभी भी एक स्थिर, सीधी रेखा नहीं होती। आप सीखते हैं। आप अच्छा करते हैं और आप गलत भी करते हैं यह तो बस जिंदगी का एक हिस्सा है।’’

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