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Health Alert: क्या मामूली कब्ज हो सकता है कोलन कैंसर का संकेत? 29 साल के युवक के केस से समझें सारी कहानी

क्या आपने कभी सोचा है कि रोज सुबह महसूस होने वाला पेट का भारीपन या कब्ज सिर्फ गैस की समस्या नहीं, बल्कि आपके शरीर का कोई गंभीर इशारा हो सकता है? हाल ही में एक 29 वर्षीय युवक का मामला सामने आया है, जहां एक साधारण सी लगने वाली कब्ज ने कोलन कैंसर का रूप ले लिया। स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब चेतावनी दे रहे हैं कि युवाओं में बढ़ते कोलन कैंसर के मामलों को पहचानना बेहद जरूरी है।

Health Alert: क्या मामूली कब्ज हो सकता है कोलन कैंसर का संकेत? 29 साल के युवक के केस से समझें सारी कहानी
Health Alert: क्या मामूली कब्ज हो सकता है कोलन कैंसर का संकेत? 29 साल के युवक के केस से समझें सारी कहानी

29 साल के विंटनरजैक्सन का लाइफ स्टाइल बेहद एक्टिव था। उन्हें मैराथन दौड़ना बेहद पसंद था। मार्च 2020 में उन्हें बाएं कूल्हे के निचले हिस्से में हल्का दर्द महसूस हुआ। अगले चार महीनों में उन्हें कभीकभी उस जगह पर दर्द महसूस होता रहा। जैक्सन ने बिजनेस इनसाइडर को बताया मई के अंत तक, उन्हें गंभीर कब्ज की समस्या होने लगी, जबकि वो हेल्दी डाइट लेते थे। युवक को आठ दिन तक मल डिस्चार्ज नहीं हुआ, तो जून 2020 में वह अर्जेंट केयर सेंटर गए, जहां एक्सरे में उनके कोलन में जमा हुआ पदार्थ दिखा। डॉक्टर ने इसे मल समझा और उन्हें लैक्सेटिव दवाएं दीं और कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है।

विंटनरजैक्सन ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें जो दवाएं दी थी उन्हें उनसे कुछ दिनों तक राहत मिली, लेकिन जल्द ही कब्ज फिर लौट आया। जैक्सन ने बताया कि उन्हें ब्लोटिंग होने लगी। जून के मिड में वो दोबारा अर्जेंट केयर गए और उन्हें फिर से लैक्सेटिव दिए गए फिर भी कब्ज की समस्या बनी रही और पेट में दर्द बढ़ता गया। पाचन से जुड़ी इन परेशानियों की वजह से वो जुलाई की शुरुआत में तीसरी बार अर्जेंट केयर पहुंचे। उन्हें फिर दवाएं दी गई और कहा गया कि अगर लक्षण बने रहें तो अगले दिन वापस आएं। जैक्सन ने बताया उनकी कंडीशन ऐसी थी जैसे उनका पेट फट जाएगा। इस परेशानी की वजह से वो सो नहीं पा रहे थे।

सीटी स्कैन में निकला कोलन कैंसर

डॉक्टर ने जैक्सन की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत सीटी स्कैन कराने भेज दिया। इसमें पता चला कि उनके कोलन में एक ट्यूमर है, जो रास्ता रोक रहा है। डॉक्टर ने उन्हें तुरंत इमरजेंसी रूम भेज दिया, जहां ऑन्कोलॉजिस्ट ने बताया कि ट्यूमर हटाने के लिए तुरंत सर्जरी करनी होगी। सर्जरी के दौरान कोलन से गोल्फ बॉल के आकार का ट्यूमर निकाला, साथ ही 15 इंच कोलन और 15 लिम्फ नोड्स हटाए गए, जिनमें से 7 में कैंसर था। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उन्हें स्टेज 3 कोलन कैंसर है।

कम उम्र में बढ़ रहे हैं कोलन कैंसर के मामले

1990 के दशक से 50 साल से कम उम्र के लोगों में कोलन कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। मौजूदा दौर में कोलन कैंसर कम उम्र में पनपने वाला सबसे घातक कैंसर बन चुका है।  लगभग 75% युवा मरीजों में यह बीमारी एडवांस स्टेज में पता चलती है। 2025 में अमेरिका में हुए एक सर्वे के अनुसार, 45% ऐसे मरीज जिनकी उम्र 45 से कम थी, ने बताया कि उनके पेट या आंत से जुड़े लक्षणों को डॉक्टरों ने नजरअंदाज कर दिया। हालांकि कोलन कैंसर के बढ़ते मामलों के लिए कई कारणों जैसे बचपन में एंटीबायोटिक्स का ज्यादा इस्तेमाल, माइक्रोप्लास्टिक्स, कीटनाशक और हाईशुगर, लोफाइबर डाइट जैसे कारणों को जिम्मेदार माना गया है। ये डाइट आंतों के माइक्रोबायोम में बदलाव के लिए जिम्मेदार हो सकती है।

कोलन कैंसर के आम लक्षण जो कम उम्र में दिखते हैं?

कम उम्र में होने वाले कोलन कैंसर के आम लक्षणों में मल में खून आना, पेट दर्द, वजन घटना, भूख कम लगना और कब्ज शामिल हैं। शोधकर्ताओं ने युवाओं से अपील की है कि ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से जरूर जांच कराएं।

कोलन से कैसे फेफड़ों तक फैला कैंसर

विंटरजैक्सन ने कीमोथेरेपी शुरू की, जो उन्होंने छह महीने तक हर दो हफ्ते में करवाई। 12 राउंड कीमोथेरेपी के बाद उनकी रिपोर्ट में कैंसर का कोई संकेत नहीं मिला, लेकिन नौ महीने बाद एक ब्लड टेस्ट में 0.1% कैंसर कोशिकाओं की मौजूदगी पाई गई, हालांकि डॉक्टर यह नहीं पता लगा सके कि वे कहां हैं। लगभग एक साल की जांच के बाद पता चला कि कोलन से कैंसर कोशिकाएं उनके फेफड़ों तक फैल चुकी हैं। अक्टूबर 2022 में उन्हें स्टेज 4 कैंसर डायग्नोज किया गया।

क्रॉनिक बीमारी के साथ जीवन

विंटनरजैक्सन यूके वापस चले गए, जहां वह लगातार कीमोथेरेपी के चक्र में हैं, जिससे फिलहाल कैंसर को बढ़ने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा अब यह पूरी तरह खत्म होना मुश्किल है क्योंकि यह फेफड़ों तक फैल चुका है, लेकिन अगर इसे धीमा रखा जाए और क्रॉनिक बनाया जाए, तो इसके साथ सामान्य जीवन जिया जा सकता है। जैक्सन ने बताया कि कभीकभी वह अच्छा महसूस करते हैं, तो कभी छोटीछोटी चीजें भी मुश्किल लगती हैं। इस वजह से वह अब फुलटाइम काम नहीं कर पाते। उन्होंने अपने लाइफस्टाइल में बदलाव किया। उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी अब बागवानी करने, कुत्ते के साथ टहलने और शांत जीवन जीने में गुजर रही है। 

डिस्क्लेमर : यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। इसमें दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आपको पेट दर्द, कब्ज, मल में खून, वजन घटना या अन्य कोई असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा या उपचार को शुरू या बंद न करें।

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