साल 1997 में आए शो ‘शक्तिमान’ को लोग आज भी याद करते हैं। इसमें दिग्गज अभिनेता मुकेश खन्ना ने लीड रोल प्ले किया था। वहीं, सुरेंद्र पाल विलेन ‘किलविश’ के किरदार में नजर आए थे। खास बात ये है कि इन दोनों अभिनेताओं ने इससे पहले ‘महाभारत’ में साथ काम किया था। उसमें मुकेश खन्ना ‘भीष्म पितामह’ के तौर पर नजर आए थे और सुरेंद्र पाल ने ‘द्रोणाचार्य’ का किरदार निभाया था।

अब हाल ही में ‘किलविश’ ने एक इंटरव्यू में मुकेश खन्ना के साथ अपने आपसी संबंधों और टीवी शो ‘शक्तिमान’ को लेकर बात की है। सुरेंद्र ने बताया कि कैसे उन्हें विलेन का रोल पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
मुकेश खन्ना ने कर दिया था मना
सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में सुरेंद्र ने कहा, “मुकेश के साथ मेरी दोस्ती बहुत गहरी रही है और आज भी है। हमारे बीच हमेशा से बहुत अच्छे रिश्ते रहे हैं। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं और उन्हें बहुत ऊंचा दर्जा देता हूं। भीष्म पितामह का जो रोल उन्होंने निभाया था, वह इतना खूबसूरत था कि मुझे लगता है कि कोई और उसे उस तरह से नहीं कर सकता था, जैसा उन्होंने किया। वह एक बहुत ही स्वाभाविक एक्टर हैं और बहुत लगन से काम करते हैं।”
दिग्गज एक्टर ने आगे बताया कि जब उन्हें पता चला कि मुकेश ‘शक्तिमान’ बना रहे हैं, तो वह उनके पास गए और विलेन का रोल मांगा। अभिनेता ने कहा, “मैंने उनसे कहा कि मुझे विलेन का रोल दे दो। उन्होंने मना कर दिया और कहा कि यह रोल सिर्फ एक खास इंसान ही कर सकता है। मैंने पूछा कौन? तो उन्होंने कहा अमरीश पुरी। मैंने कहा ठीक है, लेकिन मुझे पता था कि अमरीश पुरी यह रोल नहीं करेंगे, क्योंकि वह फिल्मों में बहुत व्यस्त थे। टेलीविजन में आपको पूरा समय देना पड़ता है। आप फिल्मों की तरह काम नहीं कर सकते।”
ऐसे मिला ‘किलविश’ का किरदार
सुरेंद्र ने आगे बताया कि जब उन्हें बाद में पता चला कि विलेन का रोल अभी भी खाली है, तो वे मुकेश के ऑफिस वापस गए। उन्होंने कहा, “जब मुझे पता चला कि ‘शक्तिमान’ में विलेन का रोल अभी भी खाली है, तो मैं फिर से उनके ऑफिस गया और कहा कि यह रोल मुझे दे दो। उन्होंने पूछा कि तुम इस रोल का क्या करोगे?’ मैंने उनसे कहा कि पहले मुझे यह रोल दो, फिर मैं तुम्हें दिखाऊंगा।”
सुरेंद्र पाल ने फिर बताया कि उन्होंने ‘शक्तिमान’ में ‘तमराज किलविश’ का मशहूर किरदार बनाने के लिए कितनी मेहनत की थी। एक्टर ने कहा, “मैंने उस किरदार के बारे में बहुत गहराई से सोचना शुरू किया। मुकेश ने सुझाव दिया कि मैं नाक को थोड़ा लंबा दिखाने के लिए कुछ लगाऊं और उन्होंने यह भी कहा कि मुझे ‘द्रोणाचार्य’ वाली अपनी इमेज से बाहर निकलना होगा।
हमने तय किया कि हम इस किरदार को पूरी तरह से बदल देंगे। मैंने घुंघराले बालों वाली विग पहनी, अपनी भौंहें बदलीं, अपनी आंखें बदलीं और यहां तक कि अपने दांत भी बदलवाए। उन्हें पेंट करना और उन पर गोंद लगाना बहुत मुश्किल था। बोलते समय, मुझे रंग का स्वाद भी आता था। मैंने लंबे नकली नाखून भी लगाए। यह सब बहुत मुश्किल था।”



