भोजपुरी स्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह की शादीशुदा जिंदगी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही है। दोनों के बीच तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है, जहां पवन सिंह इस रिश्ते को खत्म करना चाहते हैं, वहीं ज्योति सिंह इसे बचाने की कोशिश में हैं।

इस बीच 10 करोड़ रुपये की एलिमनी की मांग को लेकर भी कई तरह की खबरें सामने आईं। हालांकि अब ज्योति सिंह ने खुद सामने आकर इन अफवाहों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ किया कि सच्चाई क्या है और साथ ही यह भी बताया कि उनके रिश्ते में दरार आखिर कब और कैसे पड़नी शुरू हुई।
सूर्या भाई के पॉडकास्ट में ज्योति ने बताया कि वो अपने मातापिता के साथ पटना में रहती हैं। उनके मुताबिक उन्होंने रिश्ता बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन नहीं बच पाया।
आज भी पवन सिंह को प्यार करती हैं ज्योति सिंह
ज्योति सिंह से पूछा गया कि क्या आज भी उनके दिल में पवन सिंह के लिए प्यार है? इस सवाल पर उन्होंने कहा, “वो मेरे पति हैं दिल से निकलने का सवाल ही नहीं होता है। हम जिस कास्ट और फैमिली से आते हैं वहां पति ही पति होता है। पति पूजनीय होता है।”
10 करोड़ मांगी एलिमनी
लंबे समय से खबर आ रही है कि ज्योति सिंह ने पवन सिंह से 10 करोड़ की एलिमनी मांगी है। इसके बारे में बात करते हुए ज्योति सिंह ने बताया कि ये बात सच है, लेकिन पूरी तरह नहीं।
ज्योति ने कहा, “ये हमेशा कोर्ट में कहते आए हैं कि मुझे साथ नहीं रहना, लेकिन मैं उनके साथ रहना चाहती हूं। जब वो नहीं माने तो मैंने कहा कि मुझे अपने भरण पोषण के लिए 3 करड़ दे दीजिए। उस पर वो राजी नहीं हुए और उन्होंने कहा कि मैं 50 लाख रुपये से ज्यादा नहीं दूंगा। मैंने कहा कि आज की डेट में 50 लाख रुपये में क्या होता है।”
इस वजह से मांगे 10 करोड़
ने आगे कहा, “50 लाख रुपये में एक घर भी नहीं आता। 3 करोड़ रुपये देने में उन्होंने 8 साल लगा दिए। फिर मैं कोर्ट में गई और मैंने कहा मुझे 10 करोड़ रुपये चाहए। ताकी केस और 15 साल खिंच जाए। ना मुझे शादी करनी है और ना ही उन्हें करने दूंगी।”
कोविड के वक्त बिगड़ा था रिश्ता
ज्योति ने बताया कि कोविड में दीवाली के वक्त उनका रिश्ता बिगड़ने लगा था। “वो दीवाली पर हमारे घर आए थे, मैंने उनसे कहा कि मुझे लेकर चलिए। यहां लोग बातें बनाते हैं, आपको अगर साथ रहना होगा तो ठीक है, अगर नहीं रहना होगा तो मत रहिएगा, लेकिन अभी ले चलिए मुझे।”
पवन सिंह को भड़काते हैं लोग
ज्योति सिंह का कहना है कि के आसपास के लोग उन्हें भड़काते हैं और वो उनकी बातों में आसानी से आ जाते हैं। वो ये नहीं सोचते कि गलत क्या है और सही क्या।



