शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के सीएम बनते के साथ ही उनकी नई टीम का गठन भी शुरू हो गया है. रिटायर्ट आईएएस सुब्रत गुप्ता को उनका सलाहकार नियुक्त किया गया है. गुप्ता बंगाल कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी और बंगाल विधानसभा चुनाव2026 में इलेक्शन कमीशन के स्पेशल रोल ऑब्जर्वर रहे हैं. इसके साथ हीचंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद शांतनु बाला को शुभेंदु अधिकारी का निजी सचिव बनाया गया है.

बात करें सुब्रत गुप्ता की तो बंगाल चुनाव2026 में बतौर स्पेशल ऑब्जर्वर निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए विभिन्न पक्षों ने उनकी तारीफ की. अब बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ गुप्ता को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त करने का आदेश जारी किया है.
चुनाव आयोग ने सुब्रत गुप्ता को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में भेजा था. इस बार बंगाल में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी की मौत नहीं हुई. मतदाताओं ने इसके लिए आयोग को धन्यवाद दिया.मतदान के बाद शुभेंदु अधिकारी ने सुब्रत गुप्ता से मुलाकात की थी.
अधिकारी और गुप्ता के बीच बातचीत
बताया जाता है कि उन्होंने गुप्ता से काफी देर तक बातचीत की. इसके बाद गुप्ता को सलाहकार बनने का प्रस्ताव दिया गया. 7 मई को चुनाव आयोग ने सुब्रत गुप्ता को विशेष पर्यवेक्षक के पद से मुक्त कर दिया था. अब उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. बता दें कि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान कई बार सुब्रत गुप्ता पर बिना नाम लिए निशाना साधा था.
आज सुब्रत गुप्ता एक बार फिर शपथ ग्रहण समारोह में भी मौजूद थे. टीवी9 बांग्ला से बात करते हुए उन्होंने कहा था, यह लोकतंत्र की एक सीढ़ी है. यहां आकर अच्छा लग रहा है. सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए नव निर्वाचित भाजपा विधायक सजल घोष ने कहा कि पिछली सरकार ने उनका इस्तेमाल नहीं किया.
सुब्रत गुप्ता के बारे में खास बातें
सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी थे. उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से ग्रेजुएशन किया है. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में पीएचडी की. उन्होंने बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से एमबीए किया. एक समय वो पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव बनने के प्रबल दावेदार थे. कई लोगों का मानना था कि 1989 बैच के आईएएस अधिकारी बीपी गोपालिका के बाद गुप्ता ही राज्य के मुख्य सचिव बनेंगे.
हालांकि, तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 1991 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज पंत को मुख्य सचिव नियुक्त किया था.इसके बाद सुब्रत गुप्ता ने केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने की इच्छा व्यक्त की और ममता बनर्जी से अनुमति मांगी. अनुमति मिलने तक गुप्ता का कार्यकाल कुछ ही दिनों का रह गया था.
इसके बाद दिल्ली जाने के बावजूद उन्हें केंद्र के किसी भी प्रमुख मंत्रालय में सचिव के पद पर बैठने का अवसर नहीं मिला. वो मई 2025 में आईएएस अधिकारी के पद से रिटायर हुए. इस बार राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें नई सरकार के मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया.



