Madhya Pradesh

बरगी क्रूज हादसे पर सरकार सख्त… रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अगुआई में जांच टीम गठित, तीन माह में सौंपेगी रिपोर्ट

Jabalpur Bargi Dam Accident: मध्य प्रदेश जबलपुर के बरगी बांध में हुए भीषण क्रूज हादसे को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. शासन ने इस पूरी घटना की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. इस जांच की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी को सौंपी गई है. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.

बरगी क्रूज हादसे पर सरकार सख्त… रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अगुआई में जांच टीम गठित, तीन माह में सौंपेगी रिपोर्ट
बरगी क्रूज हादसे पर सरकार सख्त… रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अगुआई में जांच टीम गठित, तीन माह में सौंपेगी रिपोर्ट

राज्य सरकार द्वारा गठित यह एकल सदस्यीय जांच आयोग अपनी कार्यवाही तेजी से शुरू करेगा. अधिसूचना के अनुसार आयोग को मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 3 माह के भीतर अपनी जांच पूरी करनी होगी और विस्तृत रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपनी होगी.

इन 5 मुख्य बिंदुओं पर होगी जांच

हादसे की गंभीरता को देखते हुए आयोग के लिए 5 मुख्य जांच बिंदु तय किए गए हैं, जो भविष्य में जल परिवहन की सुरक्षा तय करेंगे,

  • दोषियों का निर्धारण दुर्घटना के असल कारणों की बारीकी से जांच की जाएगी और यह तय किया जाएगा कि इस त्रासदी के लिए कौनकौन से अधिकारी या कर्मचारी उत्तरदायी हैं.
  • बचाव कार्यों की समीक्षा हादसे के वक्त और उसके तुरंत बाद किए गए बचाव और राहत कार्यों की पर्याप्तता की जांच होगी. क्या मदद पहुंचने में देरी हुई.
  • सुरक्षा ऑडिट प्रदेश में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का ऑडिट किया जाएगा. यह देखा जाएगा कि क्या वे इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 और NDMA बोट सेफ्टी गाइडलाइंस, 2017 का पालन कर रहे हैं.
  • नया SOP बनाना पूरे राज्य में क्रूज और नौकाओं के संचालन व रखरखाव के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाएगी.
  • त्वरित प्रतिक्रिया दल जहां भी जल परिवहन या वाटर स्पोर्ट्स हो रहे हैं. वहां ‘क्विक रिस्पांस टीम’ के गठन और उनकी कार्यक्षमता की व्यवस्था सुनिश्चित करना.

जांच का क्या है मकसद?

बरगी बांध में हुए इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की जान चली गई थी और 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था. इस घटना ने जल पर्यटन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. परिजनों के आक्रोश और विपक्ष के दबाव के बाद, अब सरकार ने इस उच्चस्तरीय जांच के जरिए न्याय दिलाने की बात कही है.

इस जांच आयोग की रिपोर्ट न केवल दोषियों को सजा दिलाने में सहायक होगी, बल्कि मध्य प्रदेश के अन्य जल पर्यटन केंद्रों जैसे हनुवंतिया, बरगी डेम, भेड़ाघाट और भोपाल के बड़ा तालाब में चल रही गतिविधियों के लिए भी नए सुरक्षा मानक तय करेगी. अब सबकी नजरें जस्टिस संजय द्विवेदी की रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या इस हादसे के पीछे कोई बड़ी तकनीकी लापरवाही थी या फिर मानवीय चूक ने 13 घरों के चिराग बुझा दिए.

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