नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने उद्यमियों को देश के विकास की धुरी बताते हुए उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर और ‘नए यूपी’ के बढ़ते आत्मविश्वास का रोडमैप पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक मंच पर मजबूती से उभर रही है।

पहचान के संकट’ से ‘बड़े निवेश’ तक का सफर
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश अपनी पहचान के लिए मोहताज था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पहले यूपी में ‘वन डिस्ट्रिक्टवन प्रोडक्ट’ नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्टवन माफिया’ का राज था। इन माफियाओं के इंटरनेशनल लिंक थे और प्रदेश में अराजकता का माहौल था।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आज यूपी के सामने पहचान का कोई संकट नहीं है और राज्य में बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय निवेश हो रहे हैं।
भयमुक्त व्यापार और निवेश का नया माहौल
उद्यमियों को भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा, “अब यूपी में कोई गुंडा टैक्स वसूलने की हिम्मत नहीं कर सकता। आज व्यापारी सुरक्षित महसूस करते हैं, उन्हें अब डराधमकाकर राजनीतिक चंदा भी नहीं लिया जाता।” सीएम ने जानकारी दी कि अब तक राज्य में 18 हजार से ज्यादा उद्योग स्थापित हो चुके हैं और जो परिवार कभी डर के मारे पलायन कर गए थे, वे अब वापस लौट रहे हैं।
ODOP और आर्थिक विकास
मुख्यमंत्री ने ‘वन डिस्ट्रिक्टवन प्रोडक्ट’ योजना की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि इसने यूपी के पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक पहचान दी है। उन्होंने CII जैसे संगठनों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उद्यमियों के सहयोग से उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।



