पश्चिम बंगाल की तरह तमिलनाडु में भी नई सरकार अस्तित्व में आ गई है और आते ही सरकार एक्शन मूड में दिख रही है. राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद अपने पहले बड़े प्रशासनिक फैसले में, जोसेफ विजय ने पूरे राज्य में पूजा स्थलों, शिक्षण संस्थानों और बस स्टैंड के पास चल रही 717 सरकारी शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया.

जारी आदेश में आज मंगलवार को अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अगले 2 हफ्तों के अंदर मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों, स्कूलों, कॉलेजों और बस स्टैंड के 500 मीटर के दायरे में चल रही तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन की सभी शराब की दुकानों को बंद कर दें.
राज्य में 717 दुकानें होंगी बंद
तमिलनाडु सरकार के अनुसार, राज्य में फिलहाल TASMAC की कुल 4,765 शराब की दुकानें हैं. जिन 717 दुकानों को बंद करने के लिए चुना गया है, उनमें से 276 दुकानें पूजा स्थलों के पास, 186 शिक्षण संस्थानों के पास और 255 बस स्टैंड के पास स्थित हैं.
Tamil Nadu Chief Minister C. Joseph Vijay has ordered the closure of 717 governmentrun TASMAC liquor retail outlets located within a 500meter radius of places of worship, educational institutions, and bus stations, within two weeks. pic.twitter.com/1eSSG18V2k
— ANI May 12, 2026
शराब की दुकानों को बंद करने का यह कदम विजय का पद संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर किया गया पहला बड़ा नीतिगत फैसला है, और नई सरकार इस फैसले को एक अहम सामाजिक सुधार उपाय के तौर पर पेश कर रही है. इसका मकसद संवेदनशील सार्वजनिक जगहों पर शराब की दुकानों को लेकर उठ रही चिंताओं को दूर करना है.
200 यूनिट फ्री बिजली की मंजूरी
इससे पहले एक्टर से नेता बने 51 साल के विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. उनकी पार्टी, ‘तमिलगा वेट्री कज़गम’ ने चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर अपनी पहचान बनाई. हालांकि बहुमत से कम सीटें मिलने के बाद TVK ने कांग्रेस, वामपंथी दलों, VCK और मुस्लिम लीग के समर्थन से इतिहास में अपनी पहली गठबंधन सरकार बनाई.
सीएम पद संभालने के बाद लिए गए मुख्यमंत्री की ओर से लिए गए कुछ अन्य अहम फैसलों में, विजय ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट फ्री बिजली देने की योजना को मंजूरी दी. उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष बल के गठन को भी मंजूरी दी, साथ ही राज्य में कथित नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे से निपटने के अपने वादे को पूरा करते हुए हर जिले में नशाविरोधी यूनिट्स स्थापित करने के फैसला लिया.
हालांकि, शपथ लेने के बाद सीएम विजय ने जो सबसे अहम घोषणा की, उसमें उनका निशाना DMK थी. उन्होंने कहा कि 20212026 की अवधि के दौरान राज्य की वित्तीय स्थिति का ब्योरा देने वाला एक ‘श्वेत पत्र’ जारी किया जाएगा. अपने पहले संबोधन में उन्होंने कहा, “मुझे तमिलनाडु सरकार की मौजूदा स्थिति के बारे में आपको बताना है. राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज हो गया है, और सरकारी खजाना पूरी तरह से खाली हो चुका है, जिस वजह से राज्य पर असहनीय बोझ आ गया है.”



