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यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर हो सकता है महंगा… टोल दरों में बढ़ोतरी की तैयारी, जानें कितनी कटेगी जेब

अगर आप अक्सर यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए नोएडा से आगरा के बीच सफर करते हैं, तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है. एक्सप्रेसवे का संचालन कर रही कंपनी, सुरक्षा रियलटी, ने टोल दरों में 3.5 से 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का औपचारिक प्रस्ताव यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को भेज दिया है. यदि इस प्रस्ताव पर मुहर लगती है, तो लाखों यात्रियों को अगले सफर के लिए अधिक भुगतान करना होगा.

यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर हो सकता है महंगा… टोल दरों में बढ़ोतरी की तैयारी, जानें कितनी कटेगी जेब
यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर हो सकता है महंगा… टोल दरों में बढ़ोतरी की तैयारी, जानें कितनी कटेगी जेब

सुरक्षा रियलटी के अनुसार, यह वृद्धि होलसेल प्राइस इंडेक्स के आधार पर प्रस्तावित है. कंपनी का तर्क है कि कंसेशन एग्रीमेंट के तहत हर साल टोल दरों में संशोधन का कानूनी प्रावधान है. उल्लेखनीय है कि टोल दरों में आखिरी बार इजाफा अक्टूबर 2024 में किया गया था, जब दरों को 3.78 प्रतिशत बढ़ाया गया था.

कंपनी के सीईओ अभिजीत गोहिल ने स्पष्ट किया कि समझौते के अनुसार वृद्धि अनिवार्य है, और इसका प्रस्ताव अक्टूबर 2025 में ही भेज दिया गया था. अब कंपनी नई दरों को लागू करने के लिए यीडा के फैसले का इंतज़ार कर रही है.

नोएडा एयरपोर्ट और बढ़ती कनेक्टिविटी का असर

एक्सप्रेसवे पर वर्तमान में प्रतिदिन करीब 50,000 वाहन दौड़ते हैं. हालांकि, आगामी समय में यह संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद ट्रैफिक का दबाव तेजी से बढ़ेगा. यमुना एक्सप्रेसवे को दिल्लीमुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है.

गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के लिए भी एक लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है. यीडा के अधिकारियों का मानना है कि इन नई कनेक्टिविटी के चलते वाहनों की संख्या में जबरदस्त उछाल आएगा, जिससे टोल राजस्व में भी वृद्धि होगी.

अनुमानित नई टोल दरें

वाहन श्रेणी वर्तमान दर नई अनुमानित दर
दो पहिया वाहन 247.5 ~256.16
कार/जीप/वैन 486.75 ~503.79
हल्के व्यावसायिक वाहन 759.00 ~785.57
बस/ट्रक 1542.75 ~1596.75

यीडा का रुख: अभी मंथन जारी

यीडा के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि प्राधिकरण फिलहाल इस प्रस्ताव का बारीकी से परीक्षण कर रहा है. यीडा के अधिकारी इस कोशिश में हैं कि यात्रियों पर एकदम से अधिक बोझ न डाला जाए, और कंपनी के साथ इस विषय पर बैठकों का दौर जारी है.

2048 तक रहेगा टोल का सफर

आपको बता दें कि इस एक्सप्रेसवे का निर्माण जेपी इंफ्राटेक ने 2012 में किया था, जिसका अब सुरक्षा रियलटी ने अधिग्रहण कर लिया है. समझौते के मुताबिक, कंपनी के पास वर्ष 2048 तक टोल वसूलने और एक्सप्रेसवे के रखरखाव का अधिकार है.

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