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घरचोला, एकदाली और चंद्रखानी… शादी से तीज-त्योहार तक पहनें ये 10 तरह की बांधनी साड़ियां, हर डिजाइन की है अलग खासियत

बांधनी साड़ियां सिर्फ पारंपरिक पहनावे तक सीमित नहीं हैं। महिलाएं इन्हें बेल्ट, स्टाइलिश ब्लाउज, ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी और फ्यूजन फैशन के साथ भी स्टाइल कर रही हैं। यही वजह है कि सदियों पुरानी यह कला आज भी फैशन इंडस्ट्री में अपनी खास जगह बनाए हुए है। भारतीय फैशन की दुनिया में ट्रेंड्स भले ही हर दिन बदलते रहते हों, लेकिन कुछ पारंपरिक पहनावे ऐसे हैं जिनका आकर्षण कभी कम नहीं होता। बांधनी साड़ी भी उन्हीं में से एक है। राजस्थान और गुजरात की सदियों पुरानी टाईएंडडाई कला से तैयार की जाने वाली ये साड़ियां अपने अनोखे पैटर्न, रंगों और शाही लुक के लिए जानी जाती हैं।

घरचोला, एकदाली और चंद्रखानी… शादी से तीज-त्योहार तक पहनें ये 10 तरह की बांधनी साड़ियां, हर डिजाइन की है अलग खासियत
घरचोला, एकदाली और चंद्रखानी… शादी से तीज-त्योहार तक पहनें ये 10 तरह की बांधनी साड़ियां, हर डिजाइन की है अलग खासियत

बांधनी शब्द “बांधना” से बना है, क्योंकि इस कला में कपड़े को धागों से छोटेछोटे हिस्सों में बांधकर रंगा जाता है। यही वजह है कि हर बांधनी साड़ी का डिजाइन थोड़ा अलग और खास होता है। आज बांधनी साड़ियां सिर्फ पारंपरिक आयोजनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि महिलाएं इन्हें शादी, त्योहार, ऑफिस फंक्शन और फैशन इवेंट्स में भी स्टाइल करना पसंद करती हैं। अगर आप भी बांधनी साड़ियों के अलगअलग प्रकार और उनकी खासियत के बारे में जानना चाहती हैं, तो यहां हम आपको 10 लोकप्रिय बांधनी साड़ियों के बारे में बता रहे हैं।

बंधेज साड़ी का इतिहास और खासियत

बंधेज साड़ियों की शुरुआत राजस्थान और गुजरात से मानी जाती है। कहा जाता है कि यह कला करीब 5000 साल पुरानी है और सबसे पहले कच्छ क्षेत्र में प्रचलित हुई थी। पुराने ग्रंथों और लोककथाओं के अनुसार, राजा हर्ष के समय शाही विवाह में पहली बार बंधानी साड़ी पहनी गई थी। तब इसे दुल्हन के लिए शुभ माना जाता था। आज भी राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बाड़मेर जैसे शहरों में खूबसूरत बंधेज साड़ियां बनाई जाती हैं। वहीं गुजरात के कच्छ, भुज और जामनगर भी अपनी खास बंधनी कला के लिए मशहूर हैं।

बंधेज क्या है?

बंधेज या बंधनी एक पारंपरिक टाईएंडडाई कला है। इसमें सूती या रेशमी कपड़े को छोटेछोटे हिस्सों में धागों से कसकर बांधा जाता है और फिर रंगों में डुबोया जाता है। कपड़ा खोलने पर उस पर सुंदर डॉट्स और अलगअलग डिजाइन उभरकर आते हैं।

बांधनी सिल्क साड़ी

सिल्क फैब्रिक में बनने वाली बांधनी साड़ियां अपनी चमक और रिच कलर्स के लिए पसंद की जाती हैं। लाल, रॉयल ब्लू, हरा और पीला जैसे गहरे रंग इन साड़ियों में बेहद खूबसूरत लगते हैं। यह त्योहारों और शादी समारोह के लिए बेहतरीन विकल्प है। यह पहनने पर एलिगेंट और क्लासी लुक मिलता है। इसमें पारंपरिक और मॉडर्न डिजाइन का खूबसूरत मिश्रण देखने को मिलता है।

लहरिया बांधनी साड़ी

लहरिया बांधनी राजस्थान की सबसे प्रसिद्ध शैलियों में से एक है। इसमें पानी की लहरों जैसी तिरछी रेखाएं बनाई जाती हैं, जो इसे अलग पहचान देती हैं। यह खासतौर पर सावन और तीज त्योहारों में खूब पहनी जाती है। इसके रंगबिरंगे पैटर्न इसे आकर्षक बनाते हैं।

शुद्ध बांधनी कॉटन साड़ी

अगर आप हल्की और आरामदायक साड़ी पहनना पसंद करती हैं, तो शुद्ध कॉटन बांधनी साड़ी अच्छा विकल्प हो सकती है। इन्हें प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक टाईएंडडाई तकनीक से तैयार किया जाता है। गर्मियों के मौसम में बेहद आरामदायक होती हैं। रोजमर्रा और ऑफिस वियर के लिए अच्छी रहती हैं। हल्की होने के कारण आसानी से कैरी की जा सकती है। नेचुरल रंग और फैब्रिक स्किन फ्रेंडली होते हैं।

बांधनी जॉर्जेट साड़ी

जॉर्जेट फैब्रिक में बनी बांधनी साड़ियां फ्लोई और स्टाइलिश लुक देती हैं। इन पर मोतियों, सीपों और जरी का खूबसूरत काम भी देखने को मिलता है। य ड्रेप करने में आसान
होती है। साथ ही स्लिम और ग्रेसफुल लुक देती है। पार्टी और फेस्टिव वियर के लिए शानदार विकल्प हैं। हल्के फैब्रिक के कारण लंबे समय तक आरामदायक महसूस करवा सकती हैं।

गाजी बांधनी साड़ी

गाजी बांधनी साड़ियां बेहद प्रीमियम मानी जाती हैं। इन्हें उच्च गुणवत्ता वाले रेशमी कपड़े से तैयार किया जाता है। यह मोटा, चमकदार और बेहद मुलायम होता है। इन साड़ियों पर अक्सर आरीजरदोजी और भारी जरी वर्क देखने को मिलता है। यह शाही और रॉयल लुक देती हैं। शादी और बड़े फंक्शन के लिए परफेक्ट रहती हैं। पुराने समय में सोनेचांदी के तारों से कढ़ाई की जाती थी, अब भारी बॉर्डर इसकी खूबसूरती बढ़ाता है।

घरचोला बांधनी साड़ी

घरचोला गुजरात की पारंपरिक दुल्हन साड़ी मानी जाती है। इसमें चौकोर और डायमंड शेप डिजाइन बने होते हैं। पहले यह मुख्य रूप से लाल और हरे रंग में मिलती थी, लेकिन अब कई नए रंगों में भी उपलब्ध है। यह शादी और शुभ अवसरों के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। भारी जरी और चेक पैटर्न इसे रॉयल बनाते हैं। ट्रेडिशनल ज्वेलरी के साथ बेहद खूबसूरत लगती है।

एकदाली बांधनी साड़ी

एकदाली का अर्थ होता है “एक बिंदु”। इस साड़ी में बीच में बड़ा डॉट और उसके आसपास छोटेछोटे बिंदु बने होते हैं, जो रंगोली जैसे डिजाइन तैयार करते हैं। इसमें मिनिमल और एलिगेंट डिजाइन देखने को मिलते हैं। हल्के फंक्शन और डे वियर के लिए अच्छी रहती हैं। कम डिजाइन होने के बावजूद आकर्षक लुक देती हैं। आसानी से स्टाइल की जा सकती हैं।

चंद्रखानी बांधनी साड़ी

इन साड़ियों में अर्धचंद्र जैसे डिजाइन बनाए जाते हैं, जो बेहद आकर्षक लगते हैं। यह डिजाइन सुंदरता और शालीनता का प्रतीक माना जाता है। यह दिखने में सिंपल होती है लेकिन बेहद एलिगेंट लुक देती है। इसमें पीला, नीला और हरा रंग इसमें ज्यादा पसंद किया जाता है। फेस्टिव और पूजा अवसरों के लिए अच्छी रहती हैं। क्लासी ट्रेडिशनल स्टाइल देती हैं।

पनेतर बांधनी साड़ी

पनेतर साड़ी गुजरात की पारंपरिक ब्राइडल साड़ी है। यह सफेद और लाल रंग के संयोजन में तैयार की जाती है। इसके बॉर्डर और पल्लू पर बेहद सुंदर डिजाइन बने होते हैं।इसमें लालसफेद रंग का कॉम्बिनेशन बेहद आकर्षक लगता है। पारंपरिक गुजराती संस्कृति की झलक मिलती है।

शिकारी बांधनी साड़ी

शिकारी बांधनी साड़ियों में पेड़पौधे, जानवर, शिकारी और पारंपरिक आकृतियां बनाई जाती हैं। इन डिजाइनों को तैयार करना काफी मेहनत वाला काम होता है। यह दिखने में बेहद यूनिक होती है। हैंडक्राफ्टेड लुक इसकी खूबसूरती बढ़ाता है। ट्रेडिशनल फैशन पसंद करने वाली महिलाओं के लिए खास होती है। कलेक्शन में रखने लायक साड़ी मानी जाती है।

बांधनी साड़ी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

असली बांधनी में छोटेछोटे गांठों के निशान दिखाई देते हैं। हाथ से बनी साड़ी का पैटर्न बिल्कुल एक जैसा नहीं होता है। नेचुरल डाई वाली साड़ियों के रंग ज्यादा सॉफ्ट लगते हैं। सिल्क और जॉर्जेट बांधनी को हमेशा ड्राई क्लीन करवाना बेहतर रहता है।

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