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सोने पर 15% ड्यूटी के बाद एक और बड़ा झटका-जानें पूरी खबर

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोने के बढ़ते आयात बिल पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स के लिए शुल्क मुक्त सोने के आयात के नियमों को तत्काल प्रभाव से कड़ा कर दिया है। अब एडवांस ऑथराइजेशन के तहत कोई भी एक्सपोर्टर एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही शुल्क मुक्त आयात कर सकेगा। इससे ज्वेलरी सेक्टर की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा असर आने वाले समय में सोने की कीमतों पर दिख सकता है।

सोने पर 15% ड्यूटी के बाद एक और बड़ा झटका-जानें पूरी खबर
सोने पर 15% ड्यूटी के बाद एक और बड़ा झटका-जानें पूरी खबर

यह फैसला सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर 15% करने के बाद आया है। नए नियमों के मुताबिक जो एक्सपोर्टर पहली बार लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे, उनके मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा जांच की जाएगी। यह जांच इकाई की क्षमता और परिचालन स्थिति को सत्यापित करने के लिए की जाएगी। वहीं दोबारा लाइसेंस चाहने वाले एक्सपोर्टर्स को पिछले आयात के कम से कम 50% निर्यात दायित्व को पूरा करना होगा। ऐसा न होने पर नया आयात लाइसेंस नहीं मिलेगा।

सरकार रखेगी नजर
लाइसेंस धारकों को हर 15 दिन में स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित रिपोर्ट क्षेत्रीय प्राधिकरण को सौंपनी होगी। इसमें सोने के आयात और निर्यात का पूरा विवरण देना होगा।
क्षेत्रीय अधिकारियों को हर महीने DGFT हेडक्वार्टर को समेकित रिपोर्ट भेजनी होगी, ताकि केंद्र सरकार देश भर में होने वाले सोने के लेनदेन पर सीधी नजर रख सके।

क्यों उठाने पड़े ये कड़े कदम?
भारत में साल 202526 के दौरान सोने के आयात ने पिछले सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मूल्य के मामले में सोने का आयात 24% से अधिक बढ़कर 71.98 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया।
भारत में आने वाले कुल सोने का लगभग 40% स्विट्जरलैंड से आता है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण अफ्रीका का स्थान है।

उद्योग जगत ने जताई चिंता
सरकार के इस फैसले पर ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल ने चिंता जताई है। उद्योग जगत का मानना है कि आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी और कड़े नियमों से ग्रे मार्केट को बढ़ावा मिल सकता है और देश में सोने की तस्करी बढ़ सकती है।

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