Bhandara Police Action News: आधुनिक समय में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और पारिवारिक कारणों से लड़कियों और महिलाओं के लापता होने का सिलसिला चिंता का विषय बना हुआ है। भंडारा जिले में पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो लड़कियों के लापता होने की घटनाओं में निरंतर वृद्धि देखी गई है। हालांकि, जिला पुलिस की ओर से चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान ने इस दिशा में बड़ी राहत प्रदान की है। पुलिस ने गायब हुई 248 लड़कियों में से 241 को सुरक्षित ढूंढ निकाला है, जबकि महज 7 लड़कियों की तलाश अब भी जारी है।

विशेष जांच दल गठित भंडारा पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में जिले के विभिन्न थानों में कुल 248 लड़कियों के अपहरण या भाग जाने की शिकायतें दर्ज की गई। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन के मार्गदर्शन में विशेष जांच दल गठित किए गए। आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2023 में 82 और वर्ष 2024 में 67 लड़कियां लापता हुई थीं, जिनमें से सभी को खोजने में पुलिस सफल रही। वर्ष 2025 में 75 में से 73 लड़कियां वापस आ गईं, लेकिन 2 अब भी लापता हैं।
3 वर्षों में 248 लड़कियां हुईं लापता
वर्तमान वर्ष 2026 में अब तक 24 लड़कियां लापता हुई हैं, जिनमें से 19 का पता लगा लिया गया है, जबकि 5 की तलाश की जा रही है। इस प्रकार पिछले तीन वर्षों के कुल आंकड़े में 7 लड़कियां अभी भी घर नहीं लौटी हैं। प्रेम प्रसंग, शादी का झांसा सहित अन्य कारण पुलिस की जांच में लड़कियों के लापता होने के पीछे मुख्य रूप से प्रेम प्रसंग, शादी का झांसा और घरेलू विवाद जैसे कारण सामने आए हैं। कई मामलों में सोशल मीडिया पर हुई पहचान के बाद लड़कियां घर छोड़ देती हैं। गायब होने वालों में सबसे बड़ी संख्या 10 से 18 वर्ष की अल्पवयीन लड़कियों की है। केवल किशोरियां ही नहीं, बल्कि विवाहित महिलाओं के लापता होने के मामलों में भी इजाफा हुआ है,
तकनीकी सुरागों पर काम
जिसके पीछे अक्सर पारिवारिक कलह जिम्मेदार होती है।जिले में केवल लड़कियां ही नहीं, बल्कि पुरुषों और महिलाओं के गायब होने की संख्या भी काफी अधिक है। साल 2023 से 2026 तक कुल 2645 व्यक्तियों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई, जिसमें 1756 महिलाएं और 889 पुरुष शामिल थे। पुलिस के अथक प्रयासों से 2491 लोगों का पता लगाया जा चुका है, जबकि 154 लोग अभी भी लापता हैं। और महिला सेल की टीमें लापता लोगों के तकनीकी सुरागों पर काम कर रही हैं।
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शिकायत मिलते ही कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन ने कहा कि लड़कियों और महिलाओं के लापता होने की शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस प्रशासन तत्परता से कार्रवाई करता है। ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत हमने अधिकतम लड़कियों को खोजने का प्रयास किया है। अभिभावकों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने बच्चों के साथ संवाद बढ़ाएं। विशेष रूप से कम उम्र की लड़कियों की गतिविधियों पर ध्यान देना और उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना समय की मांग है।



