मालदीव और स्विट्जरलैंड वो देश हैं जहां की मुद्रा को दुनिया की सबसे खूबसूरत करंसी में गिना जाता है. दोनों ही दिखने में अलग हैं लेकिन खास हैं. स्विट्जरलैंड की करंसी स्विस फ्रैंक के रंग, वर्टिकल डिजाइन और बनावट इसे अलग बनाते हैं. वहीं, मालदीव की करंसी भी खूबसूरती में पीछे नहीं है. सोशल मडिया पर यहां की करंसी के वीडियो और फोटोज शेयर किए जा रहे हैं.

सोशल मीडिया पर करंसी को शेयर करते यूजर्स इसकी तारीफ करते थक नहीं रहे हैं. स्विट्जरलैंड हो या मालदीव यहां भारतीय पर्यटक भी घूमने के लिए पहुंचते हैं और दिल खोलकर खर्च करते हैं. जानिए, स्विट्जरलैंड और मालदीव में भारत के 500 रुपए कितने हो जाते हैं.
भारतीयों के फेवरेट मालदीव में 500 रुपए कितने?
मालदीव की आधिकारिक करंसी का नाम मालदीवियन रूफिया है. इसे शॉर्ट फॉर्म में MVR लिखते हैं और करंसी का कोड है Rf है. भारतीय बड़ी संख्या में घूमने के लिए मालदीव पहुंचते हैं. साल 2024 में यहां 1 लाख 30 हजार भारतीय पहुंचे. साल 2023 में यह आंकड़ा 2 लाख था, लेकिन भारत के लिए मालदीव की नकारात्मक बयानबाजी के बीच इसका विरोध हुआ और वहां भारतीय पर्यटकों की संख्या घटी. हालांकि, गिरावट के बाद भी सवा लाख से अधिक भारतीय वहां घूमने पहुंचे. भारत के 500 रुपए मालदीव में जाकर 80.36 मालदीवियन रूफिया हो जाता है.
मालदीव की करंसी को लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं.
मालदीव की करंसी रुफिया को 1947 में पेश किया गया. इसे 100 लारी में बांटा गया और इसने मालदीव की पुरानी करंसी रूपी की को रिप्लेस कर दिया. साल 2016 में 1000 रुफिया के नोट को इंटरनेशनल बैंक नोट सोसायटी ने बैंक नोट ऑफ द ईयर के लिए नॉमिनेट किया गया था.
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स्विट्जरलैंड ने भारतीय करंसी की वैल्यू कितनी?
स्विट्जरलैंड नए शादीशुदा जोड़ों के बीच काफी पॉपुलर रहा है. यहां की करंसी का नाम स्विस फ्रैंक है. इसे शॉर्ट फॉर्म में CHF लिखते हैं, यह Confoederatio Helvetica का संक्षिप्त रूप है और F का मतलब फ्रैंक है. इसकी डिजाइन और रंगाें का कॉम्बिनेशन इसे सबसे सुंदर करंसी की लिस्ट में ऊपर रखता है.
इसे जारी और कंट्रोल करने का काम स्विस नेशनल बैंक करता है. साल 2024 में यहां 6,60,640 भारतीय टूरिस्ट पहुंचे. भारतीय यहां पहुंचते हैं और दिल खोलकर खर्च करते हैं. भारत के 500 रुपए यहां की करंसी में 4.10 स्विस फ्रैंक हो जाते हैं. इससे दोनों देशों की करंसी के अंतर को समझा जा सकता है.
स्विट्जरलैंड की करंसी स्विस फ्रैंक.
यहां की करंसी दुनिया की भरोसेमंद यानी सेफ हेवन करंसी कही जाती है. इसकी वजह है यहां की अर्थव्यवस्था और स्वतंत्र मौद्रिक नीति. यही वजह है कि इसे सुरक्षित निवेश का प्रतीक माना जाता है. राजनीतिक या आर्थिक संकट के समय निवेशक इसी का ध्यान रखते हैं.
स्विस फ्रैंक.
स्विट्जरलैंड यूरोप का एकमात्र ऐसा देश है जो अभी भी फ्रैंक का इस्तेमाल करता है. फ्रांस, बेल्जियम, लक्जमबर्ग पहले से फ्रैंक का इस्तेमाल करते थे. सभी अब यूरो अपना चुके हैं. इस तरह दोनों देशों की करंसी का सिस्टम ही नहीं, इनकी बनावट भी इसे खास बनाती है.



