CJI सूर्य कांत ने कल युवाओं पर किए गए अपने टिप्पणी पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर बहुत दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरे मौखिक बयान को गलत तरीके से पेश किया है. मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने फर्जी और फर्जी डिग्रियों की मदद से वकालत जैसे पेशों में प्रवेश किया है. ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित पेशों में भी घुसपैठ कर चुके हैं और इसलिए वे परजीवियों के समान हैं.

अपने ऊपर उठाए जा रहे सवालों पर CJI ने कहा कि यह कहना पूरी तरह निराधार है कि मैंने हमारे देश के युवाओं की आलोचना की है. मुझे न केवल हमारे वर्तमान और भविष्य के मानव संसाधन पर गर्व है, बल्कि भारत का हर युवा मुझे प्रेरित करता है. यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भारतीय युवा मेरे प्रति बहुत आदर और सम्मान रखते हैं और मैं भी उन्हें एक विकसित भारत के स्तंभ के रूप में देखता हूं.
ये खबर अपडेट की जा रही है…



