
सर्दियों में हल्दी वाला दूध कई घरों में पसंद किया जाता है। हल्दी और दूध का यह मिश्रण लंबे समय से पारंपरिक घरेलू पेय के तौर पर इस्तेमाल होता आया है। सर्दी-जुकाम के दौरान गर्माहट पाने, शरीर को आराम देने और रात में रिलैक्स महसूस करने के लिए लोग इसे पीते हैं। आजकल इसे ‘गोल्डन मिल्क’ के नाम से भी खूब पसंद किया जाता है।
हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह हल्दी वाला दूध भी हर व्यक्ति पर एक जैसा असर नहीं करता। सामान्य मात्रा में यह ज्यादातर स्वस्थ लोगों के लिए ठीक हो सकता है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य समस्याओं या दवाओं के साथ सावधानी जरूरी है।
हल्दी वाले दूध में क्या हो सकता है फायदा
हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों पर शोध हुआ है। वहीं दूध प्रोटीन और कैल्शियम समेत कई पोषक तत्व प्रदान करता है।
हल्दी वाला दूध किसी बीमारी का इलाज नहीं है, लेकिन संतुलित डाइट का हिस्सा होने के तौर पर इसे लिया जा सकता है। कुछ लोगों को इसे पीने से गर्माहट और आराम महसूस हो सकता है। हालांकि सर्दी-जुकाम, दर्द या नींद की समस्या को ठीक करने के लिए केवल हल्दी वाले दूध पर निर्भर रहना सही नहीं है।
ज्यादा हल्दी लेने से हो सकती है परेशानी
हल्दी की बहुत ज्यादा मात्रा कुछ लोगों में पेट से जुड़ी परेशानी पैदा कर सकती है। पेट में जलन, अपच, मितली या गैस जैसी शिकायत हो सकती है। इसलिए यह मानना सही नहीं है कि हल्दी जितनी ज्यादा होगी, फायदा भी उतना ही ज्यादा मिलेगा।
हल्दी के सप्लीमेंट या बहुत अधिक मात्रा में सेवन का असर सामान्य भोजन में इस्तेमाल होने वाली छोटी मात्रा से अलग हो सकता है।
इन लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए
1. जिन्हें पित्ताशय या पित्त की समस्या है
हल्दी और करक्यूमिन से जुड़े उत्पाद कुछ लोगों में पित्त से संबंधित परेशानी बढ़ा सकते हैं। अगर पहले से पित्ताशय की बीमारी है तो नियमित रूप से ज्यादा मात्रा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
2. खून पतला करने वाली दवा लेने वाले
अगर कोई व्यक्ति वारफरिन जैसी ब्लड-थिनिंग दवा ले रहा है, तो ज्यादा मात्रा में हल्दी या करक्यूमिन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूरी है। कुछ स्थितियों में ब्लीडिंग का जोखिम प्रभावित हो सकता है।
3. किडनी स्टोन की समस्या वाले लोग
हल्दी में ऑक्सालेट की मात्रा होती है। जिन लोगों को कैल्शियम ऑक्सालेट किडनी स्टोन बनने की समस्या रहती है, उन्हें बहुत ज्यादा हल्दी या हल्दी के सप्लीमेंट लेने से बचने और डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत हो सकती है।
4. जिनका पेट संवेदनशील है
एसिडिटी, अपच या पेट में जलन की शिकायत वाले कुछ लोगों को हल्दी ज्यादा मात्रा में लेने पर परेशानी हो सकती है। अगर हल्दी वाला दूध पीने के बाद जलन, दर्द या मितली महसूस हो तो इसका सेवन रोककर कारण समझना जरूरी है।
5. गर्भावस्था या किसी विशेष मेडिकल स्थिति में
खाने में सामान्य मात्रा में इस्तेमाल होने वाली हल्दी और ज्यादा मात्रा में लिए जाने वाले हल्दी सप्लीमेंट एक जैसी चीजें नहीं हैं। गर्भावस्था, सर्जरी की तैयारी या किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में हल्दी के सप्लीमेंट या अधिक मात्रा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
हल्दी वाला दूध कैसे लें
अगर आप सामान्य रूप से स्वस्थ हैं और हल्दी वाला दूध आपको सूट करता है तो इसे संतुलित मात्रा में लिया जा सकता है। इसमें बहुत ज्यादा हल्दी डालने की जरूरत नहीं होती। स्वाद के लिए चीनी की मात्रा भी सीमित रखें, खासकर अगर आप ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे हैं।
अगर दूध पीने से गैस, पेट फूलना या लैक्टोज से जुड़ी परेशानी होती है तो हल्दी वाला दूध आपके लिए उपयुक्त नहीं हो सकता।
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