
ठाणे, महाराष्ट्र: शिवसेना (UBT) नेता प्रदीप पुरनेकर की हत्या का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता जा रहा है। मृतक के परिवार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले एक संदिग्ध की पहचान करने का दावा किया है। परिवार का आरोप है कि यह शख्स पूर्व मेयर और शिवसेना नेता मीनाक्षी शिंदे के पति राजेंद्र शिंदे हैं, जो हत्या से कुछ घंटे पहले कथित तौर पर हमलावरों के साथ चाय की दुकान पर दिखाई दिए थे।
हालांकि, परिवार की ओर से किए गए इस दावे की पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दूसरी तरफ, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने भी इस मामले को लेकर शिंदे गुट पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हत्या से पहले चाय की दुकान पर हुई कथित मुलाकात
प्रदीप पुरनेकर की 29 सितंबर को ठाणे के मानपाड़ा इलाके में स्थित उनके कार्यालय में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस अब तक पांच हमलावरों को गिरफ्तार कर चुकी है।
हत्या के बाद से ही परिवार कुछ राजनीतिक लोगों की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। पिछले सप्ताह प्रदीप के बेटे राम पुरनेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुछ सीसीटीवी तस्वीरें और फुटेज सार्वजनिक किए थे।
राम के मुताबिक, फुटेज में हेलमेट पहने एक व्यक्ति चाय की दुकान पर उन लोगों से मिलता दिखाई दे रहा है, जिन्हें बाद में इस हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया। परिवार का दावा है कि यह मुलाकात हत्या से कुछ घंटे पहले हुई थी।
AI की मदद से कपड़ों और जूतों का किया मिलान
राम पुरनेकर ने दावा किया कि उन्होंने AI की मदद से सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्ध के कपड़ों और जूतों की तुलना राजेंद्र शिंदे की पुरानी तस्वीरों से की। उनके अनुसार, दोनों के पहनावे और जूतों में समानता दिखाई देती है।
इसी आधार पर परिवार का दावा है कि हेलमेट पहने व्यक्ति राजेंद्र शिंदे ही हैं। परिवार ने संबंधित सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरें पुलिस को सौंपते हुए राजेंद्र शिंदे और मीनाक्षी शिंदे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, केवल कपड़ों और जूतों की समानता के आधार पर किसी व्यक्ति की पहचान या अपराध में उसकी भूमिका साबित नहीं होती। इस दावे की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
बेटे को हिरासत में लेने के बाद समर्थकों का प्रदर्शन
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर राम पुरनेकर ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे स्थित आवास की ओर जाने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
इस घटना के विरोध में पुरनेकर के समर्थकों ने नौपाड़ा पुलिस स्टेशन के बाहर रास्ता रोको आंदोलन किया। इसके बाद रात में 300 से अधिक प्रदर्शनकारी घोड़बंदर रोड के मानपाड़



