Bomb Making Formula Found In Ayodhya Medical College Lab: उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी और बेहद संवेदनशील माने जाने वाले अयोध्या से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सुरक्षा महकमे में खलबली मचा दी है। अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल के एक छात्र द्वारा बम बनाने का फॉर्मूला लिखे जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं।

नाइट ड्यूटी में हुई एक चूक और मच गया हड़कंप
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मेडिकल कॉलेज के लैब में रात की शिफ्ट खत्म होने के बाद सुबह कर्मचारी काम पर पहुंचे। लैब में एक संदिग्ध पर्ची लावारिस हालत में पड़ी मिली। जब कर्मचारियों ने उस पर्ची को उठाकर पढ़ा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसका दी। उस पर्ची पर बम बनाने की पूरी विधि, उसके आकार और विस्फोट की तीव्रता से जुड़ी कई चौंकाने वाली जानकारियां लिखी हुई थीं।
कॉलेज प्रशासन को तुरंत इसकी सूचना दी गई जिसके बाद प्राथमिक जांच में पता चला कि रात के समय लैब में सरफराज नाम के छात्र की ड्यूटी लगी थी। माना जा रहा है कि काम के दौरान यह पर्ची गलती से वहीं छूट गई जिसने सरफराज की संदिग्ध गतिविधियों की पोल खोल दी।
कौन है संदिग्ध छात्र सरफराज?
सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर आया छात्र सरफराज बलरामपुर जिले का रहने वाला है। वह अयोध्या मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल प्रथम वर्ष का छात्र है। एक मेडिकल छात्र का बम बनाने जैसी विधियों में दिलचस्पी लेना और उसे लिखित रूप में अपने पास रखना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सूचना मिलते ही ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरफराज को हिरासत में ले लिया है।
लैपटॉप में भी मिला खतरनाक डेटा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पुलिस ने सरफराज के डिजिटल उपकरणों की तलाशी ली, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच के दौरान छात्र के लैपटॉप से भी विस्फोटक सामग्री और बम बनाने से जुड़े कई संदिग्ध नोट्स बरामद किए गए हैं। इन नोट्स में न केवल बम बनाने के तरीके थे बल्कि इस बात का भी विवरण था कि धमाका कितना शक्तिशाली हो सकता है। इन सबूतों के मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले को किसी बड़ी साजिश के नजरिए से देख रही हैं।
गुप्त स्थान पर पूछताछ
जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की सामग्री मिलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। अयोध्या पुलिस और इंटेलिजेंस की संयुक्त टीमें आरोपी छात्र को किसी गुप्त स्थान पर ले जाकर कड़ी पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि सरफराज के पास यह जानकारियां कहां से आईं और क्या वह किसी बाहरी संदिग्ध नेटवर्क या कट्टरपंथी समूह के संपर्क में तो नहीं था।
फिलहाल, मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और अन्य छात्रों व स्टाफ से भी जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस पर्ची को लिखने के पीछे का असली मकसद क्या था।


