
धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के भालपहाड़ी गांव में पुलिस की बड़ी छापेमारी से हड़कंप मच गया। साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘साइबर शील्ड’ अभियान के तहत 17 पुलिस अधिकारियों और 80 महिला-पुरुष जवानों की टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से पांच संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी में बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए।
साइबर ठगी की सूचना पर बनाई गई विशेष टीम
पुलिस के अनुसार, धनबाद जिले में साइबर अपराध से जुड़ी लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद विशेष अभियान शुरू किया गया था। इसी दौरान 14 अक्टूबर को पुलिस को जानकारी मिली कि टुंडी थाना क्षेत्र के भालपहाड़ी गांव में कुछ लोग कथित तौर पर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना मिलने के बाद ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में 17 पुलिस पदाधिकारी और 80 महिला एवं पुरुष जवान शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने गांव में छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
पुलिस ने आरोपियों के पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों समेत कई सामान बरामद किए हैं। बरामदगी में शामिल हैं:
- 3 लैपटॉप
- 20 मोबाइल फोन, जिनमें 4 आईफोन शामिल हैं
- 16 एटीएम कार्ड
- 23 बैंक पासबुक
- 10 चेकबुक
- 4 पैन कार्ड
- 4 आधार कार्ड
- 1 ई-पॉस मशीन
- 3 वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी बुक)
- 1 अन्य कार्ड और कई दस्तावेज
पुलिस अब इन उपकरणों, बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि कथित साइबर नेटवर्क की गतिविधियों और उसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी, अलग-अलग जिलों से जुड़े तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भालपहाड़ी निवासी राजू कुमार मंडल, उत्तम कुमार मंडल और अजीत कुमार मंडल के रूप में की है। इनके अलावा देवघर जिले के दिलीप कुमार मंडल और कोडरमा जिले के उमेश कुमार राणा को भी गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले में 15 अक्टूबर को टुंडी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब के मुताबिक, जिले में साइबर अपराध की घटनाओं पर रोक लगाने और संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
क्या दूसरे लोग भी हैं नेटवर्क में शामिल?
पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंकिंग दस्तावेजों का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क से दूसरे लोग या अन्य बैंक खाते जुड़े हैं या नहीं।
फिलहाल, पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध में शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।
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