
झारखंड को अक्सर अपनी हरियाली, पहाड़ों और झरनों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां कुछ ऐसी जगहें भी हैं जिनका नजारा आपको धरती से कहीं दूर किसी दूसरे ग्रह की याद दिला सकता है। इन दिनों चतरा जिले की एक ऐसी ही खूबसूरत जगह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग इसे ‘वैली ऑफ मार्स’ यानी मंगल ग्रह की घाटी कह रहे हैं।
लाल रंग की चट्टानें, गहरी घाटियां और उनके बीच बहता पानी इस जगह को बेहद अनोखा रूप देते हैं। वायरल तस्वीरों और वीडियो में इसका नजारा इतना अलग दिखाई देता है कि पहली नजर में कई लोगों को यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि यह जगह झारखंड में ही मौजूद है।
चतरा की ‘वैली ऑफ मार्स’ ने खींचा लोगों का ध्यान
जिस जगह की चर्चा हो रही है, उसका नाम बंदारू खैवा जलप्रपात बताया जाता है। इसे स्थानीय तौर पर खैवा पिकनिक स्पॉट के नाम से भी जाना जाता है। यह झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग क्षेत्र में स्थित है।
यहां मौजूद लाल और खुरदरी चट्टानों का आकार बेहद अनोखा है। घाटी का पूरा दृश्य दूर से देखने पर किसी दूसरे ग्रह की सतह जैसा नजर आता है। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर इसे ‘वैली ऑफ मार्स’ के नाम से भी जाना जाता है।
लाल चट्टानों के बीच बहती है फल्गु नदी
इस जगह की खूबसूरती सिर्फ चट्टानों तक सीमित नहीं है। घाटी के बीच से फल्गु नदी बहती है, जो पूरे इलाके के प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा देती है।
लाल रंग की चट्टानों और पानी के बीच बना यह प्राकृतिक दृश्य खासकर प्रकृति और एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों को आकर्षित कर सकता है। स्थानीय मान्यताओं में यहां की चट्टानों को लेकर अलग-अलग बातें भी कही जाती हैं और कुछ लोग इन्हें भगवान विश्वकर्मा की अद्भुत रचना से जोड़कर देखते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नजारा
इस जगह का वीडियो ट्रैवल क्रिएटर फहाद हैदर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था। इसके बाद यह क्लिप तेजी से लोगों का ध्यान खींचने लगी।
वीडियो देखने के बाद कई यूजर्स ने हैरानी जताई कि झारखंड में इतनी अनोखी जगह मौजूद है, जिसके बारे में उन्हें जानकारी ही नहीं थी। कुछ लोगों ने चट्टानों की बनावट को देखकर इसे मंगल ग्रह की सतह जैसा बताया।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो की तरह इसके जरिए दिखाई गई जगह और दावों को साझा करने से पहले स्थानीय जानकारी और आधिकारिक पर्यटन स्रोतों से पुष्टि करना बेहतर है।
चतरा से कितनी दूर है यह जगह?
जानकारी के मुताबिक, बंदारू खैवा जलप्रपात चतरा जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर बताया जाता है। वहीं राजधानी रांची से इसकी दूरी लगभग 150 किलोमीटर बताई गई है।
इलाके तक पहुंचने वाला रास्ता कुछ हिस्सों में कच्चा और मुश्किल हो सकता है। खासकर बारिश के मौसम में सड़क और आसपास का इलाका फिसलन भरा हो सकता है। इसलिए यहां जाने वाले पर्यटकों को मौसम, सड़क की स्थिति और स्थानीय लोगों की सलाह का ध्यान रखना चाहिए।
झारखंड में छिपा है प्रकृति का ये अनोखा नजारा
झारखंड के जंगलों, पहाड़ों और झरनों के बीच ऐसी कई प्राकृतिक जगहें मौजूद हैं, जो अभी भी आम पर्यटकों की नजरों से दूर हैं। बंदारू खैवा का यह अनोखा भू-दृश्य भी इसी प्राकृतिक खूबसूरती की एक झलक पेश करता है।
वायरल वीडियो ने एक बार फिर झारखंड के इस हिस्से को सोशल मीडिया पर चर्चा में ला दिया है। लाल चट्टानों और घाटी का अनोखा नजारा देखकर लोग इसे ‘धरती का मंगल ग्रह’ कह रहे हैं।



