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एक ऐसा गांव, जहां उलटी नावों से बने हैं घर, 5 स्टार होटल जितना किराया..

एक ऐसा गांव, जहां उलटी नावों से बने हैं घर, 5 स्टार होटल जितना किराया..

जब भी हम किसी समंदर किनारे बसे खूबसूरत गांव की कल्पना करते हैं, तो दिमाग में सफेद रेत, लहराती नावें और खूबसूरत से कॉटेज की तस्वीर उभरती है. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे गांव के बारे में सुना है, जहां लोग नावों में तो रहते हैं, लेकिन वे नावें पानी में नहीं, बल्कि जमीन पर उल्टी पड़ी होती हैं? जी हां, यही नावों की तलहटी ही उन घरों की छत बन जाती है. यह दिलचस्प और अनोखा मामला है उत्तरी फ्रांस के एकिहेन प्लाज (Equihen Plage) नाम के एक छोटे से तटीय गांव की. लगभग तीन हजार की आबादी वाला यह गांव बीसवीं सदी की शुरुआत तक मछुआरों का एक साधारण सा इलाका हुआ करता था. यहां के मछुआरे अपनी नावों को समंदर में उतारने और बाहर निकालने के लिए लकड़ी के लट्ठों का इस्तेमाल करते थे. जब कोई नाव पुरानी हो जाती या समंदर की तूफानी लहरों को झेलने लायक नहीं बचती, तो गरीब मछुआरे उसे फेंकने के बजाय जमीन पर घसीटकर ले आते थे.

वे इन पुरानी नावों को बीच से उल्टा कर देते थे. नाव का जो निचला हिस्सा यानी पेंदी होती, वह अब घर की मजबूत छत बन जाती थी. पानी अंदर न टपके, इसलिए उस पर तारकोल की मोटी परत चढ़ा दी जाती थी. नाव के अगल-बगल छोटे-छोटे छेद करके दरवाजे और खिड़कियां निकाल ली जाती थीं, ताकि थोड़ी-बहुत हवा और धूप अंदर आ सके. हालांकि, इन नाव-नुमा घरों के अंदर काफी अंधेरा और घुटन होती थी. नाव का पूरा अंदरूनी हिस्सा सिर्फ एक कमरे जैसा होता था, जहां एक ही जगह खाना भी बनता था और पूरा परिवार सोता भी था. अंग्रेजी साहित्य के महान लेखक चार्ल्स डिकेंस के मशहूर उपन्यास ‘डेविड कॉपरफील्ड’ में भी ऐसे ही नाव वाले घरों का जिक्र मिलता है. लेकिन एकिहेन प्लाज गांव की किस्मत में कुछ और ही लिखा था. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इस गांव पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और बमबारी में ये सभी ऐतिहासिक नाव वाले घर लगभग पूरी तरह से जमींदोज हो गए.

फाइव स्टार होटल जितना है किराया
दशकों तक यह परंपरा मिट्टी में दफन रही. लेकिन 1990 के दशक में गांव वालों ने अपनी इस खोई हुई पहचान और समृद्ध विरासत को दोबारा जिंदा करने का फैसला किया. उन्होंने पुरानी शैली में फिर से उल्टी नावों वाले घर तैयार किए और इस बार उनके अंदर बिजली, आधुनिक बाथरूम और आराम की सारी व्यवस्थाएं कर दीं. आज ये उल्टी नावें दुनिया भर के पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा हॉलिडे होम बन चुकी हैं, जिन्हें लगभग 300 यूरो यानी 30 हजार रुपए में किराए पर लिया जा सकता है. भारत में इतने किराए पर आप एक रात के लिए किसी भी फाइव स्टार होटल में रात गुजार सकते हैं. ऐसे में कभी गरीबी और मजबूरी में बने ये आशियाने आज इस गांव की सबसे बड़ी शान और कमाई का जरिया बन चुके हैं.

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