पठानकोट : पठानकोट में आज पूर्व सांसद व पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष श्वेत मलिक ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर पठानकोट भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष श्री शमशेर सिंह, पूर्व मंत्री मास्टर मोहन लाल, पूर्व डिप्टी स्पीकर श्री दिनेश सिंह बब्बू, पूर्व मेयर श्री अनिल वासुदेवा, पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश महाजन, विनोद धीमान, गजेंद्र सिंह व राज कुमार गुप्ता उपस्थित थे।

मलिक ने कहा कि किसी समय पंजाब आर्थिक रूप से देश में पहले स्थान पर होता था, लेकिन पिछले 10 वर्षों के कांग्रेस व आम आदमी पार्टी की सरकारों के कुशासन के कारण पंजाब 18वें स्थान पर पहुंच गया है। राज्य के विकास, बेरोजगारी, नशा मुक्ति और भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर किए गए झूठे वायदों ने पंजाबियों के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया है। मलिक ने कहा कि पहले कांग्रेस ने भ्रष्टाचार से पंजाब को लूटा तो पंजाब वासियों ने 2022 में वोट के माध्यम से कांग्रेस के पंजे से छुटकारा पाया, पर अफसोस कि बाद में आम आदमी पार्टी के नेता व वर्तमान पंजाब के सुपर सीएम अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने झूठे वायदे कर पंजाब की जनता की रीढ़ की हड्डी पर प्रहार किया और पंजाब को बर्बादी के द्वार पर खड़ा कर दिया।
मलिक ने कहा कि आजकल मुख्यमंत्री भगवंत मान की एकएक विवादित वीडियो को लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में भारी बवाल हुआ है, जिसमें अकाल तख्त साहिब द्वारा उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और मुख्यमंत्री इस पर स्पष्टीकरण नहीं दे पा रहे हैं। हाल ही में ‘सिख धार्मिक भावनाओं’ को लेकर राज्य सरकार द्वारा बनाए गए ‘जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2026’ के कुछ प्रावधानों पर अकाल तख्त साहिब द्वारा आपत्तियों के बाद टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मलिक ने याद दिलाया कि कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने श्री राम मंदिर अयोध्या प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार किया था। इसके अलावा जेएनयू में 2016 में आतंकवाद समर्थक नारे लगाने वालों के समर्थन में अरविंद केजरीवाल व राहुल गांधी पहुंच गए थे। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने पाकिस्तान की धरती पर पल रहे आतंकवादियों को जहन्नुम पहुंचाने पर भारतीय सेना से सबूत मांगे थे।
श्वेत मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुनाव जीतने के तुरंत बाद 2022 में महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था, जो एक चुनावी झांसा निकला। अब मान सरकार बनने के 51 माह बाद भी पंजाब की 1.5 करोड़ महिलाओं को बकाया 51,000 रुपये प्रति महिला कब मिलेंगे, इसका कुछ पता नहीं है। मलिक ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में आप पार्टी व कांग्रेस की लोक विरोधी सरकारों ने कोई विकास नहीं किया। व्यापारी व उद्योगपतियों की सहायता के लिए कोई योजना नहीं बनाई, बल्कि भारी टैक्सों व रंगदारीफिरौतियों से उनका काम करना मुश्किल कर दिया है। आप सरकार ने सस्ती बिजली का झूठा वायदा किया, जबकि बिजली की दरों में कई बार वृद्धि हो चुकी है। भगवंत मान ने जहां 24 घंटे बिजली देने के बोर्ड लगाए थे, वहां भीषण गर्मी में लग रहे पावर कटों ने शहरी जनता को परेशान कर दिया है और किसान सरकार के खिलाफ धरना दे रहे हैं।
श्वेत मलिक ने कहा कि युवाओं को रोजगार, भारी संख्या में सरकारी नौकरियां और बेरोजगारी भत्ता देने के जो वादे किए गए थे, वे सब झूठे निकले। इसके कारण जहां बेरोजगारी से भारी संख्या में युवा पंजाब से विदेशों व अन्य राज्यों में जा रहे हैं, वहीं ‘ब्रेन ड्रेन’ राज्य का ज्वलंत मुद्दा बन गया है। मलिक ने कहा कि भगवंत मान सरकार का भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा हवाहवाई हो गया है। कांग्रेस की तरह आप पार्टी ने भी पंजाब में भ्रष्टाचार करने का रिकॉर्ड बनाया है। राज्य पर बढ़ता कर्ज और प्रशासनिक कामकाज पर उठते सवाल प्रमुख आलोचनाओं में शामिल हैं। आम आदमी पार्टी ने पंजाब को 4 लाख करोड़ से अधिक के कर्ज के बोझ में दबा दिया है और अब पंजाब में जब कोई बच्चा जन्म लेता है, तो उस पर सरकार द्वारा थोपा गया 1.25 लाख रुपये का कर्ज होता है।
मलिक ने कहा कि घरघर नशे और ड्रग्स ने पंजाब के भविष्य को बर्बाद कर दिया है। पंजाब सरकार जनता को गुमराह कर “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” के केवल खोखले नारे लगा रही है, जबकि धरातल पर कुछ नहीं है। मलिक ने कहा कि आप सरकार ने कर्ज माफी व सभी फसलों पर एमएसपी देने का झूठा वायदा कर अन्नदाता किसानों का भी शोषण किया। राज्य की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है, लेकिन धानगेहूं के फसल चक्र के कारण राज्य का भूजल स्तर खतरनाक हद तक नीचे चला गया है। इसके अलावा, पराली जलाने की समस्या पर्यावरण और प्रदूषण का एक बड़ा कारण बनी हुई है, जिसे रोकने के लिए किसानों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की गई। सरकार की लापरवाही के कारण 2025 में 12 जिलों में 3,75,000 एकड़ फसल और खेती की जमीन पानी में डूब गई और किसान इसकी मार झेल रहे हैं।
मलिक ने कहा कि राज्य में शिक्षा, सेहत और जन सुधार योजनाओं का बुरा हाल है। केंद्र की मोदी सरकार ने जहां 7वां पे कमिशन लागू कर दिया है और 8वां पे कमिशन लागू होने जा रहा है, वहीं पंजाब की भगवंत मान सरकार 7वां पे कमिशन भी लागू नहीं कर पाई, जिससे पंजाब के सरकारी कर्मचारियों से भी वादाखिलाफी हुई है। इन मुद्दों के अलावा, राज्य में कानूनव्यवस्था बनाए रखना और अवैध खनन पर रोक लगाना भी सरकार के सामने निरंतर चुनौतियां बनी हुई हैं। इसी कारण आम आदमी पार्टी की वादाखिलाफी के विरोध में अप्रैल 2026 में पंजाब से पार्टी के 7 राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। वहीं पार्टी के संस्थापक सदस्य प्रशांत भूषण, कुमार विश्वास, टीएस तुलसी, योगेंद्र यादव, शाजिया इल्मी और डॉ. गांधी पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं।
पंजाब विधानसभा चुनाव में जनता आम आदमी पार्टी व कांग्रेस को भ्रष्टाचार, वादाखिलाफी व राज्य के भविष्य से खिलवाड़ करने पर सजा देगी। वोट के माध्यम से पंजाब में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनेगी और मोदी जी के मार्गदर्शन में पंजाब एक विकसित, आत्मनिर्भर व भयमुक्त राज्य बनेगा।



