नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का ‘संसद मार्च’ अचानक उग्र हो गया है। संसद भवन की तरफ तेजी से कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच दिल्ली की सड़कों पर तीखी झड़पें देखने को मिली हैं। शास्त्री भवन के पास जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा तोड़ने का प्रयास किया, तो हालात बेकाबू हो गए। इसके बाद भीड़ को तितरबितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस भारी हंगामे के मद्देनजर नई दिल्ली इलाके के कई मेट्रो स्टेशनों के गेट सुरक्षा कारणों से बंद कर दिए गए हैं। पूरे मध्य दिल्ली क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और चप्पेचप्पे पर पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात हैं।

बैकफुट पर सरकार! जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंचे CJP नेता
सड़क पर चल रहे इस भारी बवाल के बीच एक बड़ी सियासी हलचल भी सामने आई है। CJP का दावा है कि भारी जनसैलाब को देखते हुए सरकार उनकी मांगों पर बातचीत के लिए तैयार हो गई है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि आज सुबह सरकार की तरफ से खुद आंदोलनकारियों से संपर्क साधा गया। इसके तुरंत बाद CJP प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने के लिए रवाना हो गए। सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि सरकार ने बातचीत के लिए हाथ बढ़ाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें बिल्कुल साफ हैं और युवाओं की भारी भीड़ के दम पर यह जीत उन्हीं की होगी।
संस्थापक अभिजीत दिपके और AISA छात्रों ने खत्म की भूख हड़ताल
सरकार के रुख में आई इस नरमी के बीच जंतरमंतर पर चल रहा आमरण अनशन भी खत्म हो गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपना अनशन ढाई दिन बाद तोड़ दिया है। गौरतलब है कि 18 जुलाई को जब दिल्ली पुलिस ने जंतरमंतर से सोनम वांगचुक को जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया था, तभी से विरोध में दिपके भूख हड़ताल पर बैठे थे। दिपके के अलावा आइसा के तीन छात्रों नेहा, मनीष और आमीन ने भी अपना 23 दिनों से चला आ रहा लंबा अनशन समाप्त कर दिया है।
योगेंद्र यादव और शबाना आजमी ने जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन
छात्रों का यह अनशन खत्म कराने के लिए कई जानीमानी हस्तियां जंतरमंतर पर मौजूद रहीं। अभिनेत्री शबाना आजमी, प्रकाश राज, सांसद मनोज झा, राजाराम सिंह, अमरा राम, डॉ. योगेंद्र यादव और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की संयुक्त अपील के बाद यह भूख हड़ताल खत्म की गई। डॉ. योगेंद्र यादव ने छात्रों को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराते हुए कहा कि यह भूख हड़ताल का टूटना नहीं है, बल्कि संघर्ष के इस रूप का खात्मा है। वहीं, शबाना आजमी ने आंदोलनकारी युवाओं के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि एक पीढ़ी के रूप में हम आज के युवाओं के लिए अच्छा करने में भले ही असफल रहे हों, लेकिन आप लोगों ने हमें आगे का सही रास्ता दिखाया है।



