Satya Report: Aligarh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां पानी की लीकेज सही करने के दौरान एक मजदूर की मलबे में दबकर मौत हो गई. घटना से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है. वह जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपकरणों की कमी और लापरवाही की जीताजागता उदाहरण है.

जानकारी के अनुसार, ‘सीएम ग्रिड योजना’ के तहत अलीगढ़ के बन्नादेवी थाना क्षेत्र के रेलवे रोड पर बीते दिनों सीवर लाइन डाली गई थी. इस दौरान मुख्य पाइपलाइन फट गई थी. अलीगढ़ नगर निगम इसके रिपेयर का काम कर रही थी. दो पाइपलाइन को ठीक कर लिया गया था, जबकि तीसरी जगह पाइपलाइन रिपेयर करने के लिए 14 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था. शनिवार दोपहर करीब 2 बजे पाइपलाइन रिपेयर करने के लिए मजदूर महेंद्र को नीचे उतारा गया.
मलबे में दबने से मजदूर की मौत
महेंद्र पाइप ठीक कर ही रहा था कि इस बीच महेंद्र के अलावा अन्य मजदूरों पर मलबा दरक गया. हादसे के मौके पर हड़कंप मच गया. इस दौरान दो मजदूरों की जान तो बालबाल मच गई, लेकिन महेंद्र नहीं बच सका. आरोप है कि घटना के बाद नगर निगम का जेई और ठेकेदार मौके से फरार हो गए. साथ काम करने वाले मजदूर जेसीबी की मदद से महेंद्र को बड़ी ही मुश्किलों से बाहर निकालने के बाद अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया है.
जेई पर लगे गंभीर आरोप
इस घटना ने मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मृतक महेंद्र के भाई राजकुमार ने बताया कि मैंने जेई साहब को कहा कि मिट्टी दरक रही. जान को खतरा है, काम बंद कर दो. इतना कहने के बाद जेई नरेंद्र सिंह ने मेरी बात नहीं मानी. कामचोरी मत करो कहते हुए मेरे भाई महेंद्र को उन्होंने लात मारकर गड्डे में धकेल दिया, इसके कुछ ही देर बाद हादसा. घटना से मृतक के परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है. वह जेई और ठेकेदार के खिलाफ चीखचीख कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
5 लाख की आर्थिक मदद का ऐलान
नगर आयुक्त अलीगढ़ प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि मामले की जांच के लिए कमेटी की गठन कर दिया है. तीन दिन में जांच पूरी करने का समय तय किया गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मृतक के परिजनों को 5 लाख की आर्थिक मदद की जाएगी.



