
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दरोगा के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। एक युवती की शिकायत पर आरोपी सब-इंस्पेक्टर (एसएसआई) के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच एसीपी कैंट को सौंपी गई है।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के अनुसार, पीड़िता की करीब एक वर्ष पहले बस्ती निवासी एक युवक से जान-पहचान हुई थी। युवती का आरोप है कि युवक ने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में विवाह से इनकार कर दिया। इस संबंध में फरवरी 2026 में बस्ती जिले के छावनी थाने में मामला दर्ज कराया गया था, जिसकी विवेचना बाद में लखनऊ के आशियाना थाने स्थानांतरित कर दी गई।
युवती ने आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान आशियाना थाने में तैनात दरोगा धर्मवीर शाही ने बयान दर्ज कराने के बहाने उसे बुलाया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने मदद का भरोसा दिलाकर उससे दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी ने उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक करने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
इसके अलावा, युवती ने आरोप लगाया कि 30 जुलाई की रात जब वह अपनी मां के लिए दवा लेने निकली थी, तब आरोपी ने उसके साथ मारपीट भी की।
पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। तकनीकी साक्ष्य, दस्तावेज और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी दरोगा निलंबित है और मामले की जांच जारी है।



