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17​​​ साल की बेटी की हत्या के आरोपियों को मिली थी जमानत, मां की गुहार के बाद पलटा कोर्ट का फैसला; डिप्टी सीएम ने भी फोन पर जाना दर्द

17​​​ साल की बेटी की हत्या के आरोपियों को मिली थी जमानत, मां की गुहार के बाद पलटा कोर्ट का फैसला; डिप्टी सीएम ने भी फोन पर जाना दर्द

मुंगेली, छत्तीसगढ़: एक मां ने अपनी 17 साल की बेटी को खो दिया। बेटी की हत्या के आरोपियों को जब अदालत से जमानत मिली तो परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। मां लगातार न्याय की गुहार लगा रही थी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ। डिप्टी सीएम अरुण साव ने पीड़ित मां से फोन पर बात की, जबकि कलेक्टर और एसएसपी खुद उसके घर पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को मिली राहत के खिलाफ न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की। आखिरकार अपर सत्र न्यायालय ने सीजेएम कोर्ट का पिछला आदेश निरस्त कर दिया और आगे की रिमांड प्रक्रिया का रास्ता साफ हुआ।

30 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को दोबारा न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया गया। इस घटनाक्रम ने मुंगेली के नेवासपुर में हुई नाबालिग की हत्या के मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

डिप्टी सीएम ने फोन पर की मां से बात, घर पहुंचे कलेक्टर और एसएसपी

मुंगेली जिले के नेवासपुर गांव में 17 वर्षीय किशोरी की हत्या के बाद परिवार न्याय की मांग कर रहा था। 26 अक्टूबर को कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और एसएसपी भोजराम पटेल पीड़ित परिवार से मिलने उसके घर पहुंचे थे।

इस दौरान कलेक्टर ने मृतका की मां की बात डिप्टी सीएम अरुण साव से फोन पर कराई। बेटी को खोने के दर्द से परेशान मां ने अपनी व्यथा बताई और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग रखी। परिवार चाहता था कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिले।

पहले सीजेएम कोर्ट से मिल गई थी आरोपियों को जमानत

इस मामले में पुलिस ने अजीत घृतलहरे (22) और साहिल खाण्डे (20) को गिरफ्तार किया था। दोनों को 22 अक्टूबर 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया गया था।

हालांकि, गिरफ्तारी की प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों के पालन में कमियां सामने आने के बाद अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी स्वीकार नहीं की और दोनों आरोपियों को निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया था। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार में नाराजगी फैल गई और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठे।

पुलिस ने अपर सत्र न्यायालय में दी चुनौती

सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद मुंगेली पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की। राज्य शासन की ओर से अपर सत्र न्यायालय में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई।

29 अक्टूबर को प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोम की अदालत ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए सीजेएम कोर्ट के पुराने आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 30 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सीजेएम न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया, ताकि आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जा सके।

इसके बाद 30 अक्टूबर को सीजेएम कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर सौंपने का आदेश जारी किया। इस तरह पहले मिली राहत के बाद मामले में एक बार फिर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी।

फोन पर बात करने को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस की जांच के मुताबिक, मृतका का अजीत घृतलहरे के साथ वर्ष 2021 से प्रेम संबंध था। दोनों परिवारों के बीच बालिग होने के बाद शादी को लेकर बातचीत भी हुई थी। आरोपी समय-समय पर किशोरी को आर्थिक मदद भी देता था।

पुलिस के अनुसार, करीब एक साल पहले अजीत को पता चला कि किशोरी किसी दूसरे युवक से फोन पर बातचीत करती है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी।

16 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद से गांव लौटने के बाद अजीत ने अपने साथी साहिल को बताया कि किशोरी किसी दूसरे युवक के संपर्क में है। इसके बाद दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।

घर में घुसकर गला दबाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, 19 अक्टूबर की रात अजीत अपने साथी साहिल के साथ मोटरसाइकिल से नेवासपुर पहुंचा। साहिल को घर के बाहर निगरानी करने के लिए भेजने के बाद अजीत दीवार फांदकर घर के अंदर दाखिल हुआ।

आरोप है कि उसने किशोरी को फोन पर बातचीत करते देखा और इसी बात पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। झगड़ा बढ़ने पर हाथापाई हुई और दोनों निर्माणाधीन कमरे में गिर गए। इसी दौरान अजीत ने कथित तौर पर किशोरी का गला दोनों हाथों से दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपी ने शव को दूसरे कमरे में बिस्तर पर रख दिया, ताकि मौत सामान्य या हार्ट अटैक जैसी दिखाई दे। इसके बाद उसने अपने साथी साहिल को घटना की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, दोनों वहां से निकलकर कवर्धा में देवी दर्शन के लिए गए और रात करीब 2:30 बजे घर लौट आए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि

20 अक्टूबर की रात परिजनों को किशोरी बिस्तर पर बेहोशी की हालत में मिली। उसके गले पर चोट और खरोंच के निशान थे। सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने और दम घुटने से मौत होने की बात सामने आई। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई। पूछताछ में अजीत ने कथित तौर पर अपना अपराध स्वीकार किया और उसके साथी साहिल की भूमिका भी सामने आई।

पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई होंडा लियो मोटरसाइकिल भी जब्त की थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103, 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अब आगे क्या होगा?

इस मामले में पहले आरोपियों को मिली जमानत और फिर उच्चतर अदालत के हस्तक्षेप के बाद बदली न्यायिक स्थिति ने कई सवाल खड़े किए हैं। शुरुआती गिरफ्तारी प्रक्रिया में सामने आई कमियों के कारण पुलिस को कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ा था। बाद में पुनरीक्षण याचिका स्वीकार होने से आगे की कार्रवाई का रास्ता खुला।

फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में हैं। मामले की जांच और अदालत में सुनवाई आगे जारी रहेगी। पीड़ित परिवार को अब उम्मीद है कि बेटी को न्याय मिलेगा और दोष साबित होने पर आरोपियों को सख्त सजा दी जाएगी।

— Satya Report

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