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ट्रिपल मर्डर से पहले AI की मदद से हत्या की साजिश रचने का आरोप, लैपटॉप की जांच में सामने आए चौंकाने वाले सवाल.

ट्रिपल मर्डर से पहले AI की मदद से हत्या की साजिश रचने का आरोप, लैपटॉप की जांच में सामने आए चौंकाने वाले सवाल.

बेंगलुरु के कृष्णराजपुरा इलाके में जून में हुए ट्रिपल मर्डर मामले की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 25 वर्षीय टेक कर्मचारी जे. केनेथ ने अपनी लिव-इन पार्टनर के परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेकर हमले की योजना से जुड़ी जानकारी जुटाई थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नियमित रूप से AI से बातचीत करता था और कई निजी तथा गंभीर सवालों के जवाब तलाशता था। फोरेंसिक जांच के दौरान उसके लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री में ऐसे सवाल मिले, जिनसे पुलिस को हत्या की पूर्व तैयारी का शक गहरा गया।

हत्या से पहले AI से पूछे गए कई सवाल

जांच अधिकारियों के मुताबिक, लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री में चाकू से हमला करने, लोगों को अस्थायी रूप से असहाय करने और तीन लोगों से निपटने जैसे सवाल दिखाई दिए। इनमें मिर्च पाउडर, सिरका और मिर्च के पेस्ट से किसी को नुकसान पहुंचाने से जुड़े सवाल भी शामिल थे।

सर्च हिस्ट्री में तीन लोगों के घुटनों को नुकसान पहुंचाने और घर में घुसे लोगों से निपटने जैसे सवाल भी सामने आए। आरोपी ने ऐसे हथियारों के बारे में भी जानकारी तलाशने की कोशिश की, जिनका इस्तेमाल पहले हत्या के मामलों में किया गया था।

हालांकि, पुलिस अभी यह पता नहीं लगा पाई है कि AI ने इन सवालों के जवाब में क्या जानकारी दी थी। अधिकारियों के मुताबिक, ये सवाल फोरेंसिक जांच के दौरान लैपटॉप पर दिखाई देने वाली सर्च सजेशन और ड्रॉपडाउन हिस्ट्री से सामने आए थे।

घटनास्थल से भी मिला मिर्च और सिरके का मिश्रण

पुलिस को जांच के दौरान घटनास्थल से एक बोतल भी मिली, जिसमें सिरके और मिर्च पाउडर का मिश्रण था। इसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजा गया है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपी ने AI से यह जानने की कोशिश नहीं की थी कि हत्या की सजा क्या हो सकती है या आर्थिक परेशानी को लेकर सवाल उठाने वाले लोगों की हत्या करना सही है या नहीं। अधिकारी ने बताया कि आरोपी AI से नियमित रूप से बातचीत करता था और उसे एक दोस्त की तरह मानता था।

कर्ज के विवाद से जुड़ा है मामला

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले की जड़ आर्थिक विवाद से जुड़ी थी। अदालत में दाखिल करीब 2,085 पन्नों की चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपी की लिव-इन पार्टनर ने उसके लिए बड़ी रकम के लोन लिए थे।

जांच के अनुसार, करीब एक साल के भीतर लगभग 52 लाख रुपये की रकम जुटाई गई थी। इसमें करीब 30 लाख रुपये का बिजनेस लोन, दो अलग-अलग बैंकों से लिए गए 8 लाख और 6 लाख रुपये के पर्सनल लोन के अलावा दोस्तों, रिश्तेदारों, सहपाठियों और सहकर्मियों से ली गई रकम भी शामिल थी।

जब परिवार को इस बड़े कर्ज के बारे में पता चला तो घर में विवाद शुरू हो गया। परिवार की ओर से आरोपी से यह सवाल किया गया कि इतनी बड़ी रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और कर्ज की किस्तें नहीं चुकाने पर बैंक की ओर से नोटिस क्यों आ रहे हैं।

22 जून की रात खूनी संघर्ष में बदला विवाद

चार्जशीट के मुताबिक, 22 जून की रात आरोपी अपनी लिव-इन पार्टनर के परिवार के घर पहुंचा। वहां कर्ज को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया।

आरोप है कि आरोपी ने चाकू से हमला कर परिवार के तीन सदस्यों की जान ले ली। मृतकों में लिव-इन पार्टनर के पिता, मां और 20 वर्षीय बहन शामिल थीं।

पुलिस के अनुसार, घटना के समय आरोपी की लिव-इन पार्टनर भी वहां मौजूद थी। अदालत में दर्ज उसके बयान में उसने बताया कि उसने अपने परिवार के सदस्यों पर हुए हमले को सामने से देखा।

पुलिस की जांच में AI कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता

इस मामले में सबसे ज्यादा ध्यान आरोपी की डिजिटल गतिविधियों पर गया है। पुलिस का कहना है कि हत्या से पहले की गई ऑनलाइन खोज और घटनास्थल से बरामद सामान के बीच संबंध की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने हत्या की योजना कब बनाई और इसमें उसकी ऑनलाइन गतिविधियों की कितनी भूमिका थी। मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में जारी है।

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