
आस्था और विश्वास के सहारे लोगों की मदद करने का दावा करने वाला एक कथित धार्मिक गुरु उस समय जांच के घेरे में आ गया, जब एक महिला ने उसके खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि वह खुद को ईश्वर से विशेष संबंध रखने वाला व्यक्ति बताकर महिलाओं का भरोसा जीतता था और फिर इसी विश्वास का कथित तौर पर गलत फायदा उठाता था। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से संपर्क करने का आरोप
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं के संपर्क में आता था। वह खुद को विशेष आध्यात्मिक शक्तियों वाला व्यक्ति बताकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करता था।
शिकायत करने वाली महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पहले उसका भरोसा जीता और फिर उसके साथ यौन शोषण किया। महिला का यह भी आरोप था कि बाद में उसे डराया-धमकाया गया, ताकि वह किसी के सामने अपनी बात न रख सके।
कई वर्षों से शोषण किए जाने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत में कथित घटनाओं का सिलसिला वर्ष 2023 से चलने की बात कही गई। महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ गलत व्यवहार करने के अलावा उसे दबाव में रखने की कोशिश भी की गई।
मीडिया रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि अन्य महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतों की आशंका को देखते हुए मामले की जांच की जा रही थी। हालांकि, दूसरे मामलों में किसी की भूमिका या आरोपों की पुष्टि संबंधित साक्ष्यों और जांच के बाद ही हो सकती है।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की तलाश
महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। बाद में जांच को संबंधित पुलिस इकाई को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कीं और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू की।
रिपोर्ट प्रकाशित होने के समय आरोपी फरार बताया गया था। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई कि यदि उनके साथ भी इस तरह का कोई कथित शोषण हुआ है, तो वे सामने आकर शिकायत दर्ज कराएं।
आस्था के नाम पर किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें
धार्मिक आस्था व्यक्ति का निजी विश्वास है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति का दावा करके दूसरे की सहमति, स्वतंत्रता या सुरक्षा का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है।
यदि कोई व्यक्ति चमत्कार, दैवीय शक्ति या विशेष धार्मिक प्रभाव का हवाला देकर निजी संबंध बनाने का दबाव डालता है, डराता है या धमकी देता है, तो उसकी बातों को बिना जांचे स्वीकार न करें। जरूरत पड़ने पर भरोसेमंद व्यक्ति और पुलिस की मदद लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। व्यक्तियों और स्थानों की पहचान हटा दी गई है। इसमें वर्णित आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है और आरोपी की दोषसिद्धि का निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।



