
लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी में गोमती को सीवेज प्रदूषण से मुक्त करने के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत एक्शन प्लान तैयार किया गया है। शहर के सीवेज को नदी में पहुंचने से रोकने के लिए नालों की टैपिंग, फ्लो डायवर्जन, एसटीपी की क्षमता बढ़ाने और नए प्लांट लगाने की योजना है। ड्रोन सर्वे में गोमती में गिरने वाले 45 नाले चिह्नित हुए हैं। इनमें 28 अनटैप्ड और आंशिक टैप्ड नालों से करीब 260 एमएलडी डिस्चार्ज निकल रहा है।
लखनऊ में गोमती करीब 30 किलोमीटर बहती है। नगर निगम रिकॉर्ड में पहले 33 नाले दर्ज थे, लेकिन ड्रोन सर्वे में 12 नए नाले मिलने से संख्या 45 हो गई। इनमें 12 नालों से करीब 75 एमएलडी डिस्चार्ज टैप किया जा चुका है, जबकि पांच नालों में टैपिंग की जरूरत नहीं मिली। शेष 28 नालों के डिस्चार्ज को अलगअलग एसटीपी से जोड़कर शोधित करने की योजना है। शहर की अनुमानित आबादी 45.56 लाख और करीब 7.52 लाख घर हैं। इनमें 4.01 लाख यानी 53.32 प्रतिशत घर सीवरेज नेटवर्क से जुड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक करीब 546.77 एमएलडी घरेलू सीवेज पैदा होता है, जबकि वास्तविक डिस्चार्ज 880.70 एमएलडी है। इसमें 690.33 एमएलडी नालों और 190.71 एमएलडी सीवर नेटवर्क से प्रवाहित होता है।
कार्ययोजना में 160 एमएलडी बसंतकुंज, 150 एमएलडी जियामऊ और 6565 एमएलडी वजीरगंज व नीलमथा में एसटीपी प्रस्तावित हैं। मस्तेमऊ नाले पर नेचर बेस्ड तकनीक के अलावा पीपराघाट में 750 केएलडी और घैला में 100 केएलडी क्षमता के मॉड्यूलर एसटीपी लगाए जाने हैं। भरवारा एसटीपी के अपग्रेडेशन के साथ उससे जुड़े 19 नालों और दौलतगंज एसटीपी से जुड़े दो नालों की मरम्मत भी योजना में शामिल है।
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह के अनुसार नदियों को स्वच्छ बनाना प्राथमिकता है। नए चिह्नित नालों को जल्द शोधित करने की दिशा में काम होगा। गोमती के समेकित पुनरुद्धार की कार्ययोजना की रिपोर्ट छह मई 2026 को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजी जा चुकी है।
10 एसटीपी, 629.5 एमएलडी क्षमता
लखनऊ में सीवेज शोधन के लिए 10 एसटीपी हैं। इनकी कुल क्षमता 629.5 एमएलडी है। वास्तविक डिस्चार्ज और मौजूदा शोधन क्षमता के अंतर को देखते हुए नालों की टैपिंग के साथ एसटीपी क्षमता के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर है।
39 एमएलडी एसटीपी पहले से तैयार
नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 39 एमएलडी एसटीपी का निर्माण चार नवंबर 2024 को पूरा हो चुका है। एक अनटैप्ड नाले को टैप कर 3.5 एमएलडी बरीकलां एसटीपी से जोड़ने का लक्ष्य अक्टूबर 2026 है। दो अनटैप्ड और एक आंशिक टैप्ड नाले को 50 एमएलडी लोनियापुरवा एसटीपी से जोड़ने का काम जून 2027 तक पूरा करने की योजना है।
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