Satya Report: अहमदाबाद: देश के प्रमुख कारोबारी समूह अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 के चौथे क्वार्टर और पूरे साल के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए अब खुद को पूरी तरह से कोर इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित कंपनी के रूप में स्थापित किया है।

कंपनी के अनुसार, FY26 के अंत तक उसका लगभग 80 प्रतिशत EBITDA अब ऐसे बिजनेस से आ रहा है जो लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट, स्थिर संचालन और परिपक्व इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स पर आधारित हैं। इससे कंपनी की कमाई की स्थिरता और भविष्य की ग्रोथ विजिबिलिटी काफी मजबूत हुई है।
बता दें AEL ने बताया कि उसका इन्क्यूबेशन मॉडल अब शुरुआती कैपिटलइंटेंसिव चरण और स्टेबिलाइजेशन फेज को पार कर चुका है और अब स्थिर और मजबूत कैश फ्लो जनरेशन की ओर बढ़ रहा है।
बता दें, गौतम अदाणी ने परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी ने इस साल भी अनुशासित कार्यप्रणाली और स्थिर EBITDA प्रदर्शन के साथ अपने सभी इंफ्रास्ट्रक्चर और इनक्यूबेशन प्लेटफॉर्म्स में मजबूत प्रगति दर्ज की है। उन्होंने बताया कि अब कंपनी की अधिकांश कमाई कोर इंफ्रास्ट्रक्चर और माइनिंग सर्विसेज जैसे स्थिर व्यवसायों से आ रही है, जो पोर्टफोलियो की परिपक्वता और विस्तार को दर्शाता है।
FY26 में कंपनी ने कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिनमें नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, गुवाहाटी हवाई अड्डा और गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना विकास जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन परियोजनाओं को भविष्य की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अदाणी एंटरप्राइजेज ने वर्षों से नए इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस विकसित करने और उन्हें अलगअलग सूचीबद्ध कंपनियों में बदलने की रणनीति अपनाई है। इसी रणनीति के तहत कंपनी ने पहले ही अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, अदाणी पावर, अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी टोटल गैस और अदाणी विल्मर जैसे बड़े व्यवसायों को सफलतापूर्वक विकसित किया है।
कंपनी अब अगली पीढ़ी के निवेशों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन, एयरपोर्ट मैनेजमेंट, डेटा सेंटर, सड़क निर्माण और कॉपर व पेट्रोकेमिकल जैसे सेक्टर शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों को भविष्य में बड़े वैल्यू अनलॉकिंग अवसर के रूप में देखा जा रहा है।



