Satya Report: पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद से अजब-गजब मामला सामने आया है. यहां एक मां ने गलती से बेटे के डेढ़ लाख रुपये कबाड़ी को बेच दिए. इसके बाद कबाड़ी ने वो कबाड़ा दूसरे बड़े कबाड़ी को बेच दिया. फिर भी तीन हाथों से निकलकर मेहनत की कमाई वापस भी मिल गई. चलिए जानते हैं ये सब कैसे हुआ.

जलालाबाद से अजब-गजब मामला सामने आया है. यहां एक युवक की मां ने गलती से डेढ़ लाख रुपये कबाड़ में बेच दिए. युवक ने डेढ़ साल में पाई-पाई कर जोड़े रुपये मिनटों में रद्दी के भाव चले गए. इस मामले में हैरानी की बात ये है कि वो डेढ़ लाख रुपये 3 अलग-अलग हाथों से गुजर कर युवक को वापस भी मिल गए. चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है.
छानबूर वाली रोटियों में रखा था कैश
ये मामला जलालाबाद के गांव फलियावाला से सामने आया है. गांव कमरेवाला निवासी शख्स शेलर में काम करता है. उसने अपनी मेहनत की कमाई चोरी के डर से सूखी छानबूर वाली रोटियों के एक थैले में छिपाकर रखी थी. जब युवक काम पर गया तो मां ने कबाड़ के साथ वो रोटियों का थैला भी कबाड़ी को बेच दिया.
मां ने कबाड़ी को बेचा थैला
आज जब युवक अपने काम पर था तब उसके मोहल्ले में ‘राज कुमार’ फेरीवाला आया. इस दौरान युवक की मां ने उस फेरीवाले को कबाड़ के साथ-साथ वो रोटियों का थैला भी थमा दिया. इसके बाद कबाड़ी ने ये सामान बड़े कबाड़ी को बेच दिया. इतना ही नहीं, बड़े कबाड़ी ने भी छानबूर वाली रोटियों को डेयरी वाले को बेच दी ताकि गाय भैंस के चारे में काम आ सके. इसके बाद जैसे ही युवक काम से घर लौटा तो उसने मां से रोटी वाले थैले के बारे में पूछा. मां ने बताया कि उससे रोटियों का वो थैला तो कबाड़ी को बेच दिया. ये सुनते ही युवक के पैरों तले जमीन खिसक गई. उसने तुरंत कबाड़ी वाले को ढूंढना शुरू कर दिया.
मिल गया कबाड़ी
जब युवक ने कबाड़ी की तलाश की तो कबाड़ी मिल गया. उसने कबाड़ खरीदने वाले राज कुमार को सारी बात बताई. कबाड़ी ने युवक की बात सुनी और उस बैटरी वाले से वो छानबूर का थैला वापस लेकर आया. थैले में पैसे मिल गए और कबाड़ी ने ईमानदारी दिखाते हुए डेढ़ लाख रुपये युवक को वापस लौटा दिए. .
युवक ने बोली ये बड़ी बात
इस पूरे मामले में हैरान कर देने वाली बात ये रही कि जिसके भी पास ये थैला गया किसी ने भी खोलकर नहीं देखा. गांव मोहकम अराईया के सरपंच परमिंदर सिंह ने इस अनोखे मामले की पुष्टि की है. हालांकि इसके बाद युवक भावुक हो जाता है और कहता कि मैने ईंटें उठा-उठा पैसे जोड़ थे. यह मेरे मेहनत की कमाई है जो आज वापस लौट आई है



