
बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर में बीते एक महीने से लापता छात्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू की लाश देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। ईशांत को मारकर जमीन में 10 फीट नीचे दफना दिया गया था। बीते 10 जून को ईशांत दोस्तों के बुलाने पर अपने घर से निकला था, इसका बाद वह कभी वापस नहीं लौटा। परिजन बीते एक महीने से उसके लौटने का इंतजार कर रहे थे। छात्र के पिता ने गांव के चार युवकों के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया था। इसके बाद एक आरोपी ने सरेंडर कर दिया था। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार 8 जुलाई की रात को जेसीबी से खुदाई कर छात्र की लाश निकाली।
ईशांत विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के बंगराहा पंचायत का रहने वाला था। उसकी लाश बुधवार को बगल के लखनपुर गांव में कलना चौर से करीब 10 फीट गहरे गड्ढे से बरामद की गई। 14 वर्षीय इशांत का शव मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। वहीं, बेटे की लाश देख परिजन की चीख पुकार निकल पड़ी, उसे सुन वहां मौजूद हर शख्स के रोंगटे खड़े हो गए।
सरेंडर कर चुके आनंदी ने उगले राज
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण कर चुके आरोपी आनंदी सिंह को पुलिस ने रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर वरीय डीएसपी विवेक कुमार शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल बुधवार की रात कलना चौर पहुंचा। यहां जेसीबी मशीन से करीब 10 फीट गहरे गड्ढे की खुदाई कराई गई। कुछ देर बाद मिट्टी के भीतर से छात्र का शव प्लास्टिक से लिपटा बरामद हुआ।
पहले हत्या, फिर जमीन में दफनाई लाश
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इशांत की हत्या के बाद सबूत मिटाने की नीयत से शव को सुनसान खेत में गहरे गड्ढे में दफना दिया गया था, ताकि घटना का कभी खुलासा ना हो सके।
दोस्तों के बुलाने पर घर से निकला था छोटू
बंगराहा निवासी किसान रामप्रीत राय का बेटा ईशांत उर्फ छोटू 10 जून की शाम को दोस्तों के बुलाने पर अपने घर से निकला था। वह उत्क्रमित उच्च विद्यालय बंगराहा में नौवीं कक्षा का छात्र था। रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजन ने उसकी खोजबीन शुरू की। मगर उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।
इसके बाद पिता ने विद्यापतिनगर थाने में बेटे की गुमशुदगी की सूचना दी। उन्होंने गांव के ही चार युवकों पर साजिश के आरोप लगाए थे। दिन बीतते गए, लेकिन छोटू का कोई पता नहीं चला। 12 जून को आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने बंगराहा चौक जाम कर उग्र प्रदर्शन भी किया था। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और छात्र की जल्द बरामदगी की मांग की।
एसपी ने बनाई एसआईटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह खुद 19 जून को गांव पहुंचे। उन्होंने परिजन से मुलाकात कर जल्द मामले का खुलासा करने का भरोसा दिया। इसके बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर वैज्ञानिक तरीके से केस की जांच शुरू कराई थी। खोजी कुत्तों को भी घटनास्थल पर लाया गया।
आनंदी ने भतीजे और अन्य के साथ की हत्या
इसी बीच आनंदी सिंह नाम के आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने बुधवार रात जमीन में दफन ईशांत की लाश बरामद की।
शव बरामद होने के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने कई महत्वपूर्ण नमूने इकट्ठा किए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया गया। मौके पर थानाध्यक्ष सूरज कुमार, अनुसंधानकर्ता सलीम रजा सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
10 जून को ही हो गई थी ईशांत की हत्या
वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि रिमांड पर लिए गए आरोपी ने कड़ाई से हुई पूछताछ में कई खुलासे किए। आरोपी आनंदी सिंह ने बताया कि उसने अपने भतीजे रंजीत सिंह और अन्य के साथ मिलकर 10 जून को ही ईशांत की हत्या कर दी थी। फिर उसके शव को दफना दिया था। पुलिस के अनुसार ईशांत के शव पर गले में कटने के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या कैसे हुई, उसकी विस्तृत जानकारी मिल जाएगी।
एक महीने से बेटे के लौटने की राह देख रही मां बेसुध
बुधवार रात को जैसे ही ईशांत का शव मिलने की सूचना परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। पिता रामप्रीत राय, मां अभिलाषा देवीबड़े भाई प्रशांत राय और छोटी बहन किरण कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस मां ने करीब एक महीने तक बेटे की वापसी के लिए दुआएं मांगी थीं, वह बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई। गांव की महिलाओं की आंखें नम नजर आईं और हर जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर इस मासूम का क्या कसूर था?
ईशांत की हत्या क्यों की? पुलिस के खुलासे का इंतजार
ईशांत की हत्या की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। पुलिस अब पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ने में जुटी गई है। शव बरामद होने के बाद पुलिस अब ईशांत की हत्या की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और हत्या के कारणों की गहराई से जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का जल्द विस्तृत खुलासा किया जाएगा। अगर इस जघन्य अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया की अभी विंदुओं पर कारवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।



