यूपी के आगरा में नगला छदामी (एत्मादुद्दौला) में गुरुवार रात एक मजदूर ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। 31 मार्च को उसकी बेटी लापता हो गई थी। अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। आठ अप्रैल को बेटी नाटकीय अंदाज में लौट आई।

Satya Report: यूपी के आगरा में नगला छदामी (एत्मादुद्दौला) में गुरुवार रात एक मजदूर ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। 31 मार्च को उसकी बेटी लापता हो गई थी। अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। आठ अप्रैल को बेटी नाटकीय अंदाज में लौट आई। मजदूर इस बात से क्षुब्ध था कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पिता की आत्महत्या के बाद शुक्रवार को पुलिस ने आनन-फानन में बेटी को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पूरे घटनाक्रम के बाद अब लड़की का वीडियो वायरल हो रहा है।
31 मार्च को बेटी घर से सैंया जाने के लिए निकली थी, जहां उसकी बड़ी बहन रहती है। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसे नाबालिग बताते हुए पड़ोसी सोमिल कुशवाह के खिलाफ अपहरण का मुकदमा लिखाया। आठ अप्रैल को बेटी खुद ही थाने पहुंच गई। इंस्पेक्टर एत्मादुद्दौला देवेंद्र सिंह दुबे ने बताया कि लड़की ने अपने परिजनों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया और बताया कि वह बालिग है। घरवाले किसी अधेड़ से उसकी शादी करना चाहते थे। वह अपनी मर्जी से गई थी। उसे कोई नहीं ले गया था।
लड़की का मेडिकल कराया गया। कोर्ट में बयान दर्ज कराए। उम्र की जांच के लिए एक्सरे कराया गया, जिसमें वह 19 साल की निकली। इस दौरान आठ दिन तक लड़की को आशा ज्योति केंद्र में रखा गया। शुक्रवार को मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लड़की को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। चूंकि लड़की बालिग है, इसलिए उसकी मर्जी से उसे घरवालों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस पर लगाया दबाव डालने का आरोप
दूसरी तरफ घर पहुंची लड़की ने ही पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया। आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाव बनाकर प्रार्थनापत्र लिया। कोर्ट में क्या बोलना है यह भी रटाया। उसे जेल भेजने की धमकी दी गई। वहीं घरवालों ने आरोप लगाया कि एक दरोगा ने उनसे रुपयों की मांग की थी। इस दौरान उन्हें बेटी से मिलने नहीं दिया गया। कई बार थाने गए मगर पुलिस ने भगा दिया। पुलिस इन आरोपों को सिरे से नकार रही है। पुलिस का कहना है कि कोर्ट में कमलबंद बयान के दौरान पुलिस मौजूद नहीं रहती। लड़की पर कोई दबाव नहीं था .



